Varanasi News: नाम, वर्दी और पहचान सब नकली! मथुरा के युवक ने CP के PRO दीपक राणावत के नाम पर की थी ठगी
Varanasi News: मैनपुरी की अनीता यादव नामक महिला से सरकारी नौकरी का झांसा देकर 16 लाख रुपये की ठगी के मामले में नया मोड़ सामने आया है। शुरुआत में शक पुलिस विभाग के एक सब इंस्पेक्टर पर गया, लेकिन जांच में सच्चाई कुछ और ही निकली।
दरअसल, ठगी करने वाला असली आरोपी मथुरा का रहने वाला एक युवक है, जिसने सब इंस्पेक्टर दीपक कुमार राणावत की फर्जी पहचान बनाकर महिला को निशाना बनाया। उसने नाम, फोटो और नकली पहचान पत्र का सहारा लिया।

इस मामले में पुलिस ने जांच करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि बुधवार को पुलिस इस पूरे मामले का खुलासा करेगी। इसके अलावा पकड़े गए आरोपी के खिलाफ अब गंभीर धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
झांसे में आई महिला ने पुलिस कमिश्नर से की शिकायत
दरअसल, 27 मई को मैनपुरी की अनीता यादव नाम की महिला ने पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत की। महिला ने आरोप लगाया कि सब इंस्पेक्टर दीपक ने उनके बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया और बदले में 16 लाख रुपये वसूले।
रकम लेने के बाद न तो कोई नौकरी मिली और न ही पैसा लौटाया गया। महिला ने जब बार-बार संपर्क किया और जवाब नहीं मिला, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उसके बाद महिला इस मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की।
शिकायत मिलते ही पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी क्राइम को जांच सौंप दी। साथ ही, निष्पक्ष जांच के लिए सब इंस्पेक्टर दीपक को वाराणसी पुलिस कमिश्नर के पीआरओ पद से हटा दिया गया। मामला हाई-प्रोफाइल हो गया था।
जांच में जब तकनीकी पहलुओं को खंगाला गया तो सामने आया कि दीपक राणावत की तस्वीर और नाम का गलत इस्तेमाल हुआ है। वह खुद इस पूरी साजिश में शामिल नहीं हैं। असली ठग किसी और ने उनके नाम पर खेल रचा था।
सोशल मीडिया बना अपराध का जरिया
पुलिस की साइबर टीम ने जब सोशल मीडिया खातों की छानबीन की तो पता चला कि आरोपी युवक ने फेसबुक पर दीपक के नाम से फर्जी अकाउंट बना रखा था। यह भी बात सामने आई कि इसी माध्यम से वह लोगों को झांसे में लेता था।
इतना ही नहीं, उसने सरकारी दस्तावेजों जैसे फर्जी पहचान पत्र भी तैयार किए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर वह खुद को असली पुलिसकर्मी साबित करता था। अनीता को भी इसी तरह उसने भरोसे में लेकर उसके साथ ठगी की।
पूछताछ में कई और नाम उजागर होने की आशंका
बताया जा रहा है कि इस मामले में क्राइम ब्रांच और कैंट थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मथुरा से आरोपी को हिरासत में लिया है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया है कि वह पहले भी इसी तरीके से ठगी कर चुका है।
पुलिस अब उसके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ और भी महिलाएं शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इसका नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है।
सब इंस्पेक्टर दीपक राणावत ने भी कैंट थाने में अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है। दीपक राणावत का कहना है कि सोशल मीडिया पर उनके नाम और फोटो का गलत इस्तेमाल हुआ है। इस पूरे मामले ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया है।












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