Varanasi News: अजय राय के करीबी पर गंभीर धाराओं में केस, कांग्रेस बोली- साजिश के तहत फंसाया
Varanasi News: वाराणसी में कांग्रेस के दो नेताओं की गिरफ्तारी ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। चोरी और जबरन वसूली के आरोपों में हुई इस कार्रवाई से शहर में चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि ये दोनों नेता कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बेहद करीबी हैं।
पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी के बाद मामला महज कानूनी नहीं रहा, अब इसमें राजनीतिक रंग भी गहराने लगा है। कांग्रेस ने इसे बदनाम करने की साजिश बताया है तो वहीं बीजेपी ने अजय राय पर सीधा निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा ट्रेंड करने लगा है।

इस पूरी घटना ने वाराणसी की राजनीति को झकझोर दिया है। एक तरफ पुलिस दावा कर रही है कि कार्रवाई कानून के दायरे में की गई है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई जन समर्थन को दबाने की कोशिश है।
पुलिस की कार्रवाई और धाराएं
पुलिस के अनुसार, चेतगंज थाना क्षेत्र से अजय राय के करीबी अमित पाठक और एक अन्य को गिरफ्तार किया गया है। इन पर लूट, धमकी और महिला से दुर्व्यवहार जैसी धाराओं में केस दर्ज हुआ है।
एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 384, 457, 392, 504, 506 और 354 शामिल की गई हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह विपक्ष को डराने की साजिश है। पार्टी प्रवक्ता संजीव सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस जनहित के मुद्दों को जोर-शोर से उठा रही है और इसीलिए उन्हें बदनाम किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस का कानून और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। पार्टी इस मुद्दे को न्यायालय में सुलझाने के पक्ष में है और वह कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर भी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। बीजेपी के समर्थकों ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा, वहीं कांग्रेस के लोगों ने इसे प्रायोजित कार्रवाई बताया।
यह मामला अब सिर्फ वाराणसी की सड़कों तक नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी छाया हुआ है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह मामला आने वाले चुनावों में असर डाल सकता है।
बीजेपी की ओर से लगातार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को घेरा जा रहा है। बीजेपी का आरोप है कि अजय राय के करीबी लोग अपराधों में लिप्त हैं और पार्टी इसे नजरअंदाज कर रही है।
इस बीच, कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि अजय राय की लोकप्रियता को देखकर बीजेपी बौखलाहट में है। इसलिए उनके करीबियों को निशाना बनाया जा रहा है ताकि उनकी छवि को धूमिल किया जा सके।
इस पूरे मामले में दोनों दलों के नेताओं की तरफ से बयान बाजी हो रही है। फिलहाल अब आगे यह देखना होगा कि दोनों लोगों की गिरफ्तारी के बाद मामला यहीं पर शांत हो जाता है या फिर इसमें कुछ और लोगों के खिलाफ कार्रवाई होती है।












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