UP Nikay Chunav 2023 : वाराणसी में जीत किसी भी पार्टी की हो, लेकिन मेयर इसी इलाके से होगा, जानिए क्या है वजह
उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव के दौरान वाराणसी से चौकाने वाली बात सामने आई है। वाराणसी के लोगों द्वारा कहा जा रहा है कि वाराणसी में जीत किसी भी पार्टी की हो लेकिन मेयर एक ही इलाके के होंगे।

UP Nikay Chunav 2023: वाराणसी में नगर निकाय का चुनाव पहले चरण में ही होना है। ऐसे में वाराणसी में नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो गई है और सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच प्रारंभ हो गई।
वाराणसी में मेयर पद के लिए 12 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है जिसमें भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी व सुभासपा पिता ने पार्टियों ने अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे हैं।
इन प्रत्याशियों के अलावा निर्दल प्रत्याशी भी इस बार चुनाव मैदान में हैं। लेकिन इन सबके बीच वाराणसी में महापौर की कुर्सी को लेकर जो एक चौंकाने वाली बात सामने आ रही है उसके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है।
पिछले वर्षों के आंकड़े देखे जाएं तो वाराणसी के एक ही इलाके के व्यक्ति का महापौर की कुर्सी पर कब्जा रहा है। आप इस बार इसे सहयोग कहा जाए या कुछ और अधिकतर पार्टियों द्वारा उसी इलाके के रहने वाले लोगों को टिकट दिया गया है।
दरअसल, हम बात कर रहे हैं वाराणसी के सिगरा इलाके की। निवर्तमान मेयर मृदुला जायसवाल का घर भी सिगरा इलाके में ही हैं। इसके अलावा मृदुला जायसवाल के पहले मेयर रहे रामगोपाल मोहले भी सिगरा इलाके के ही रहने वाले हैं।
इन सबके बीच सबसे बड़ी चौकाने वाली बात यह भी है कि वाराणसी नगर निगम का कार्यालय भी सिगरा इलाके में ही है। ऐसे में नगर निगम के मेयर प्रत्याशियों का सिगरा कनेक्शन चर्चा में रहा है।
फिलहाल यह तो रही पहले के मेयर की बात और यदि हम इस बार चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों की बात करें तो बीजेपी के प्रत्याशी अशोक तिवारी भी शीघ्र इलाके के रहने वाले हैं।
समाजवादी पार्टी द्वारा ओमप्रकाश सिंह को टिकट दिया गया है और ओमप्रकाश सिंह भी सिगरा इलाके के छित्तूपुर के रहने वाले हैं। इसके अलावा कांग्रेस के प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव भी माधोपुर, सिगरा के रहने वाले हैं।
बात इतने पर ही खत्म नहीं हो जाती, अपना दल कमेरावादी पार्टी से हरीश मिश्रा उर्फ बनारस वाले मिश्रा जी को टिकट दिया गया है और हरीश मिश्रा भी वाराणसी जिले के सिगरा इलाके के ही रहने वाले हैं।
इस बारे में वाराणसी के रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार अरशद आलम द्वारा बताया गया कि इस बार मेरठ की सीट पर किसका कब्जा होगा यह कह पाना मुश्किल है लेकिन जिस तरीके से सिगरा इलाके के रहने वाले प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं उससे लड़ाई काफी दिलचस्प हो गई है।
वहीं लोगों द्वारा यह भी कहा जा रहा है कि वाराणसी में भले ही जीत किसी पार्टी के प्रत्याशी की हो जाए और वह अमीर बन जाए लेकिन रहेंगे तो सिगरा इलाके के ही। फिलहाल अब देखना होगा कि चुनाव संपन्न होने पर परिणाम आने के बाद यह बात कितनी सही साबित होती है।












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