बीएचयू में फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रों का अनोखा आंदोलन, भैंस के आगे बजाई बीन
उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी किए जाने को लेकर विश्वविद्यालय के तमाम छात्र संगठन धरने पर बैठे हैं। करीब 10 दिनों से विश्वविद्यालय में छात्र फीस वृद्धि की मांग को वापस लेने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं कई छात्र संगठन फीस वृद्धि को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर भी बैठ गए हैं। इसी बीच विश्वविद्यालय परिसर में कुछ छात्रों ने बकायदा एक भैंस को लाकर उसके ऊपर कुलपति सुधीर कुमार जैन के नाम का पोस्टर चिपकाया और उनके आगे बीन बजाई गई।
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फीस वृद्धि को लेकर विश्वविद्यालय में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्र 15 अक्टूबर से फीस वृद्धि को लेकर विश्वविद्यालय में अनिश्चितकालीन धरने के साथ ही विभिन्न तरीकों से अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विश्वनाथ मंदिर के बाहर अनोखे तरीके से फीस वृद्धि का विरोध किया है जो पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। फीस वृद्धि का विरोध करने वाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने भैंस के आगे बीन बजा कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। विश्वविद्यालय परिसर में बकायदा एक भैंस को लाकर उसके ऊपर कुलपति सुधीर कुमार जैन के नाम का पोस्टर चिपकाया गया और उनके आगे बीन बजाया गया। छात्रों का कहना है कि इस अनोखे विरोध का कारण यह है कि लगातार विश्वविद्यालय में छात्र फीस वृद्धि का विरोध कर रहे हैं लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन और बीएचयू के कुलपति इस बात से अनजान बने हुए हैं। न तो वह छात्रों से बात करने के लिए आ रहे हैं और न ही इस पूरे मामले पर कोई ठोस निर्णय दे रहे हैं। ऐसे में वह एक भैंस रूपी हो गए हैं जिनके सामने हम फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग कर रहे हैं लेकिन उनके कान में जूं तक नहीं रेंग रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज करने का ऐलान किया है।

नहीं सुनी तो और तेज़ होगा आंदोलन
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुगलकी फरमान जारी किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हर तरीके की चीजों पर फीस वृद्धि की गई है, जिसको विश्वविद्यालय प्रशासन को वापस लेना ही होगा। इस दौरान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह ने कहा की "काशी हिन्दू विश्वविद्यालय विश्व के सबसे बड़े आवासीय परिसरों में से एक है। यह विश्वविद्यालय पिछले कई दशकों से भारत के प्रत्येक वर्ग के विद्यार्थियों के लिए किफायती एवं सुलभ शिक्षा का केंद्र रहा है।हम विश्वविद्यालय में हुई फीस वृद्धि का पिछले कई महीनों से विरोध कर रहे हैं एवं 15 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर हैं।परंतु विश्वविद्यालय प्रशासन बहरा बना हुआ है एवं विद्यार्थियों की आवाज को नजरंदाज कर रहा है।आज विरोध स्वरूप भैंस रूपी विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष बीन बजा कर विरोध जताया गया। आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

हॉस्टलों की फीस में 50% तक की गई है वृद्धि
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कृषि विज्ञान संस्थान में 5000 रुपए तक की शुल्क वृद्धि कर दी गई है। इसी के साथ विश्वविद्यालय के सभी हॉस्टलों की फीस में 50% तक की वृद्धि की गई है। इसी के साथ विश्वविद्यालय के कई लेक्चर हॉल, गेस्ट हाउस की फीस में काफी वृद्धि हुई है। हॉस्टलों की फीस पहले 3680 रुपए थी, अब वह 5360 रुपए हो गई है। छात्रो का कहना है कि मालवीय जी ने बीएचयू की स्थापना समाज के हर वर्ग के छात्र-छात्राओं के अध्ययन के लिए की थी। लेकिन, इन दिनों बीएचयू की मूल आत्मा को रौंदा जा रहा है। इससे बड़ी तादात में छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाएंगे, इसलिए उनकी यही मांग है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल छात्र हित में फैसला वापस लेना चाहिए।












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