UP News: मुंबई में मां और चार मासूम बच्चों की हत्या करने वाले दो भाई गिरफ्तार, 29 साल तक पुलिस से भागते रहे
UP News: 29 साल पहले मुंबई में एक महिला और उसके चार बच्चों की बेरहमी से हत्या करने वाले दो भाइयों को एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस ने वाराणसी के सारनाथ इलाके से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई पुलिस दोनों को अपने साथ ले गई।
पकड़े गए दोनों भाइयों की पहचान की पहचान जौनपुर जनपद के गौरा बादशाहपुर थाना अंतर्गत निशान गांव के रहने वाले अनिल सरोज उर्फ विजय और सुनील सरोज उर्फ संजय के रूप में की गई है। दोनों भाई को 29 साल पहले मुंबई में मजदूरी करते थे, इसी दौरान वारदात को अंजाम दिए थे।

दरअसल, मुंबई के भड़वाल चाल, मीरा रोड भयंदर इलाके में प्रयागराज निवासी राज नारायण प्रजापति अपनी पत्नी जगरानी और चार मासूम बच्चों के साथ रहकर मजदूरी करते थे। उन्हीं के पड़ोस में जौनपुर जनपद निवासी अनिल और सुनील सरोज भी रहते थे।
एक दिन अनिल और सुनील मजदूरी करने गए थे। उसी दौरान उनके बैग से तीन हजार रुपए गायब हो गए थे। रुपए गायब होने के बाद रुपए के बारे में दोनों भाइयों ने जानकारी ली लेकिन रुपए चोरी करने वालों के बारे में कुछ पता नहीं चला।
दोनों भाइयों को शक था कि राज नारायण के बच्चों ने ही उनके रुपए चुराए हैं ऐसे में अनिल और सुनील तथा वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के बिरापट्टी निवासी कालिया चौहान आदि लोगों ने मिलकर राज नारायण के बच्चों को मारने की योजना बनाई।
16 नवंबर 1994 को राजनारायण कम पर चला गया था इसी दौरान उपरोक्त चारों लोग वहां पहुंचे और राज नारायण की पत्नी जगरानी देवी और उसके तीन मासूम बेटों और एक बेटी की बीरम पूर्वक हत्या कर दी और हत्या करने के बाद तीनों वहां से फरार हो गए।
हालांकि इस मामले में पुलिस ने कालिया चौहान उर्फ अमरनाथ को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था लेकिन अनिल और सुनील 29 साल से पुलिस की पकड़ से बाहर थे। दोनों अपने घर पर भी नहीं जाते थे ऐसे में पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पाई थी।
दोनों भाइयों को पकड़ने के लिए महाराष्ट्र पुलिस ने एसडीएफ की वाराणसी यूनिट से मदद मांगी इसके बाद एसटीएफ की वाराणसी यूनिट और महाराष्ट्र पुलिस ने शनिवार को दोनों भाइयों को वाराणसी के सारनाथ इलाके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश कर महाराष्ट्र पुलिस दोनों भाइयों को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लेकर चली गई।












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