Sawan Yatra 2025: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में अब श्रद्धालुओं को 'सर' और 'मैडम' कहेंगे पुलिसकर्मी
Sawan Yatra 2025: श्रावण मास में बढ़ती भीड़ को लेकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की व्यवस्थाएं चुस्त कर दी गई हैं। बुधवार को वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा और दर्शन प्रबंधन को लेकर कई सख्त और संवेदनशील निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि वे दर्शनार्थियों को 'सर' या 'मैडम' कहकर संबोधित करें। श्रद्धालुओं के साथ नम्र और सहयोगात्मक व्यवहार को प्राथमिकता देने को कहा गया, ताकि उन्हें एक सकारात्मक अनुभव मिल सके।

पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या लापरवाही पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा में लगे पुलिसकर्मी मंदिर परिसर की गरिमा और आस्था का पूरा सम्मान करें।
'नो-टच' पॉलिसी और महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर जोर
मंदिर में ड्यूटी कर रहे पुरुष पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे महिला श्रद्धालुओं को बिना आवश्यकता किसी भी स्थिति में स्पर्श न करें। 'नो-टच' पॉलिसी को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही, मंदिर परिसर में सादी वर्दी में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जो भीड़ में शामिल होकर छेड़खानी या असामाजिक तत्वों पर नजर रखेंगी। जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
ड्यूटी में अनुशासन और साफ-सुथरी वर्दी अनिवार्य
पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान साफ वर्दी पहनने और पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लगाने का आदेश जारी किया गया है। साथ ही, मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, ईयरबड्स या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के प्रयोग पर सख्त पाबंदी लगाई गई है।
नशे से दूर रहना, ड्यूटी पर सजगता बनाए रखना और SOP के अनुसार कार्य करना अब हर पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी होगी। सेलिब्रिटी के साथ ड्यूटी के दौरान फोटो या सेल्फी लेने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है।
सुरक्षा के लिए तकनीकी निगरानी और रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट सक्रिय
सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता की समीक्षा की गई और उन्हें लगातार निगरानी में रखा जा रहा है। एंटी-ड्रोन तकनीक को भी तैनात किया गया है ताकि हवाई सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
इसके साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट को अलर्ट पर रखा गया है। मंदिर परिसर में असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के निर्देश भी दिए गए।
भीड़ नियंत्रण और विशेष दर्शन मार्गों की व्यवस्था
श्रावण मास के दौरान आने वाली भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए बेहतर कतारबद्ध दर्शन प्रणाली बनाई गई है। गाइडिंग स्टाफ की तैनाती कर श्रद्धालुओं को रास्ता बताने और सहायता देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दिव्यांग, वृद्ध और महिलाओं के लिए प्राथमिकता दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। विशेष गेट और अलग लाइन की सुविधा दी गई है ताकि इन्हें बिना परेशानी दर्शन का लाभ मिल सके।
प्रशिक्षण से संवेदनशीलता बढ़ाने की कोशिश
मुंबई से विशेषज्ञों की एक टीम वाराणसी पहुंची है, जो तीन चरणों में पुलिसकर्मियों को व्यवहार, संवेदनशीलता और संवाद कौशल पर प्रशिक्षण दे रही है। इसका मकसद पुलिसकर्मियों को ज्यादा सेवा भावी और समझदार बनाना है।
पुलिसकर्मियों को समय-समय पर ब्रीफ करने और मंदिर प्रबंधन से लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया दी जा सके।
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के साथ अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त गौरव बंशवाल, प्रमोद कुमार, अनिल यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का आकलन किया।












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