Parkash Singh Badal ने काशी में किसे बताया था 'हाथी' और किसे 'चींटी', जानिए क्या था पूरा मामला
साल 2019 में वाराणसी में लोकसभा चुनाव में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना नामांकन दाखिल करने के लिए पहुंचे थे तो इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी वाराणसी आए थे।

पंजाब के पूर्व सीएम और शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक Parkash Singh Badal का मंगलवार को 95 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन के बाद सियासी गलियारे में शोक की लहर है।
दिवंगत नेता प्रकाश सिंह बादल का वाराणसी से भी नाता रहा है। वाराणसी में कई बार प्रकाश सिंह बादल आवागमन हुआ, हालांकि साल 2019 में उनका आवागमन काफी महत्वपूर्ण रहा।
यह भी बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक तथा पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की वाराणसी में साल 2019 में ली गई तस्वीर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से दूसरी बार 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान नामांकन करने पहुंचे थे। नामांकन के दौरान बीजेपी के सहयोगी दलों के नेता भी वाराणसी में आए थे। इस दौरान पीएम मोदी ने प्रकाश सिंह बादल के पैर छुए थे।
वाराणसी में नामांकन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां प्रकाश सिंह बादल के पैर छूकर आशीर्वाद लिए थे, वहीं प्रकाश सिंह बादल ने न्यूज़ एजेंसी को बयान देते हुए उन्होंने भाजपा और अन्य विपक्षी दलों के बीच चुनावी टक्कर को हाथी और चींटी की लड़ाई बताई थी।
उस दौरान उनके बयान पर काफी घमासान भी मचा हुआ था। हालांकि वाराणसी से दूसरी बार साल 2019 में नामांकन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रिकॉर्ड वोटों से जीत हासिल किए। पीएम मोदी को 674,664 वोट और दूसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी शालिनी यादव को 195,159 रहीं। इसके अलावा कांग्रेस के अजय राय को 152,548 वोट मिले थे।
उसके बाद शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक तथा पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल का वाराणसी में आवागमन नहीं हुआ। हालांकि उनके निधन के बाद पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी शोक की लहर है।
वाराणसी के लोगों द्वारा गंगा नदी किनारे घाट पर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।












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