मृत पशुओं की राख से बनेगी खाद, PM Modi करेंगे UP के पहले इलेक्ट्रिक पशु शवदाह गृह का उद्घाटन
वाराणसी उत्तर प्रदेश का पहला इलेक्ट्रिक पशु शवदाह गृह का निर्माण अंतिम दौर में है। इसी महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करने के लिए वाराणसी आ सकते हैं।

वाराणसी जिले के चिरईगांव ब्लाक के जाल्हूपुर गांव में इलेक्ट्रिक पशु शवदाह गृह का निर्माण कार्य अंतिम दौर में पहुंच गया है। संभावना जताई जा रही है कि इसी महीने PM Modi शवदाह गृह का उद्घाटन करेंगे। ऐसे में बचे हुए कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह काम हर हाल में 20 मार्च से पहले पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी के पहले इलेक्ट्रिक पशु शवदाह गृह का लोकार्पण करेंगे।

पशुओं की राख से बनाई जाएगी खाद
अधिकारियों द्वारा यह भी बताया गया कि 0.1180 हेक्टेयर भूमि में इसका निर्माण कराया गया है। लखनऊ की कार्यदाई संस्था सिकान पाल्लूटेक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इसका निर्माण कराया जा रहा है। पशु शवदाह गृह के निर्माण में दो करोड़ 24 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक पशु शवदाह में प्रतिदिन 10 से 12 पशुओं का डिस्पोजल किया जा सकेगा। डिस्पोजल के बाद मृत पशुओं के राख से खाद बनाई जाएगी। उस खाद को अपने खेत में डालने के लिए किसान उसे खरीद सकेंगे। वहीं अधिकारियों द्वारा यह भी कहा गया कि अभी तक पशुओं की मौत हो जाने के बाद उन्हें इधर-उधर फेंक दिया जाता है ऐसे में शवदाह गृह के माध्यम से पशुओं की मौत के बाद उन्हें डिस्पोजल करने में कोई समस्या नहीं होगी।

23 से 25 मार्च के बीच पीएम आ सकते हैं वाराणसी
संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 से 25 मार्च के बीच वाराणसी में आएंगे। हालांकि अभी तक प्रधानमंत्री का आगमन की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी ने इसी महीने कई योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया जाएगा। ऐसे में जिला पंचायत इलेक्ट्रिक पशु शवदाह गृह का निर्माण कार्य 20 मार्च तक हर हाल में पूरा किए जाने का निर्देश दिया गया है जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका भी उद्घाटन किया जाएगा।

अभी तक नहीं थी कोई ऐसी व्यवस्था
मालूम हो कि वाराणसी के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में काफी संख्या में लोगों द्वारा पशु पालन किया जाता है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार द्वारा निराश्रित पशु आश्रय केंद्र भी खुलवाए गए हैं। ऐसे में अभी तक पशुओं की मौत हो जाने के बाद कुछ पशुपालकों द्वारा पशुओं को दफन कर दिया जाता है तथा अधिकतर लोग पशुओं को जहां-तहां खुले में फेंक देते हैं। इसी तरह नगर निगम की टीम द्वारा भी पशुओं के शवदाह की व्यवस्था ना होने पर उन्हें शहर के बाहरी इलाकों में फेंका और दफन करवाया जाता है। ऐसे में मृत पशुओं के दुर्गंध से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है तथा कई तरह की बीमारियां भी फैलती हैं। अब वाराणसी में उत्तर प्रदेश का पहला विद्युत पशु शवदाह गृह बन जाने के बाद मृत पशुओं के शवदाह करने में आसानी होगी।
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