वाराणसी की लखपति दीदी, जिन्हें PM Modi ने दिया था चुनाव लड़ने का ऑफर, जानें Budget 2024 पर क्या बोलीं
एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Budget पेश किया। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौजूदा कार्यकाल का आखिरी बजट है। बजट में महिलाओं के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं।
जारी बजट में 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अपने संबोधन के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि लखपति दीदी योजना ने महिलाओं में आत्मनिर्भरता लायी है और महिलाएं स्वरोजगार कर समाज में सशक्त बन रही हैं।

इसी कड़ी में वन इंडिया हिंदी के रिपोर्टर प्रवीण कुमार यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की रहने वाली लखपति दीदी चंदा देवी से Budget 2024 को लेकर खास बात की।
प्रश्न- आप क्या करती हैं और सालाना एक लाख रुपए या उससे अधिक कैसे कमाती हैं?
उत्तर- स्वयं सहायता समूह से जुड़कर लोगों का पैसा जमा करने वाली बैंक दीदी के रूप में काम करने के साथ-साथ मैं खेती भी करती हूं। इसके अलावा मैं एसएचजी में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के खाते खुलवाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का भी प्रयास करती हूं। एसएचजी में काम करने के साथ ही खेती बारी करके सालाना एक लाख या उससे ज्यादा की कमाई हो जाती है।
प्रश्न- जारी बजट में 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, आप इसे कैसे देखती हैं?
उत्तर- मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई कि बजट में तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाएं चला रही है। ये योजनाएं न केवल महिलाओं को सशक्त बनाती हैं बल्कि समाज को भी सशक्त बनाती हैं। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि ऐसी सरकारी योजना से जुड़कर मैं अपने साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बना रही हूं।
अगर लखपति दीदी योजना नहीं होती तो गांव की एक महिला को प्रधानमंत्री से मिलने का मौका नहीं मिल पाता। उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रधानमंत्री को वे सिर्फ टीवी पर देखती थीं लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह पीएम से मिलेंगी।
प्रश्न- आपके अनुसार इसमें और क्या सुधार किया जाना चाहिए, जिससे अधिक से अधिक महिलाओं को लाभ मिल सके?
उत्तर- मेरा मानना है कि गांव की अधिकतर महिलाएं खेती करती हैं। कुछ महिलाएं पशुपालन से जुड़ी हैं तो कुछ घर बैठे ही मोती की माला बनाती हैं। इन महिलाओं को जागरूक किया जाना चाहिए। साथ ही महिलाओं के परिवार वालों को भी इस योजना के बारे में जानकारी देनी चाहिए ताकि पति या ससुराल वाले महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के बारे में सोचना शुरू कर दें।
उन्होंने यह भी कहा कि समूह के माध्यम से महिलाओं को जो भी प्रशिक्षण दिया जाता है। इसे देते हुए सरकार को यह प्रयास करना चाहिए कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिला प्रति दिन 100 रुपए कमा सके। अगर महिलाओं को हर दिन पैसा मिलना शुरू हो जाए तो इससे उन्हें काफी फायदा होगा।
कौंन हैं वाराणसी की लखपति दीदी चंदा देवी?
दरअसल, दिसंबर माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विकसित भारत संकल्प यात्रा में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम में 'मेरी कहानी, मेरी जुबानी' के तहत मंच पर सरकारी योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं को बोलने का मौका मिला था।
उसी मंच से वाराणसी जिले के सेवापुरी विकास खंड के रामपुर गांव की रहने वाली लखपति दीदी चंदा देवी को भी बोलने का मौका मिला। चंदा देवी ने जब बोलना शुरू किया तो जनसभा में मौजूद लोग उन्हें सुनते रहे। बाद में उनका भाषण सुनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूछा कि क्या आपने चुनाव लड़ा है?
चंदा देवी ने कहा कि नहीं, हमने कभी चुनाव नहीं लड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुनः सवाल पूछा कि क्या आप आगे चुनाव लड़ना चाहती हैं, इस पर चंदा देवी ने जवाब दिया कि नहीं, हम चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। प्रधानमंत्री के चुनाव लड़ने के ऑफर देने के कारण लखपति दीदी चंदा देवी काफी चर्चा में रहीं।









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