Pankaj Udhas: काशी में रात में गजल गाने पर पंकज उधास पर हुआ था केस, पिछली बार परिवार के साथ आए थे बनारस
Pankaj Udhas: मशहूर गजल गायक पंकज उधास का सोमवार को निधन हो गया। 72 साल की उम्र में उन्होंने सोमवार को आखिरी सांस ली। उनके निधन के बाद काशी में भी उनके चाहने वालों में शोक की लहर है।
पंकज उदास का काशी से काफी पुराना नाता रहा। आखरी बार पंकज उधास 8 महीने पहले परिवार के साथ काशी आए थे। इस दौरान उन्होंने काशी की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती देखी थी तथा विश्वनाथ कॉरिडोर में बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने भी पहुंचे थे।

इसके अलावा उन्होंने वैदिक रीति रिवाज से मां गंगा की आरती उतारी थी। वाराणसी के सिगरा में स्थित इंटरनेशनल रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में उनका आखिरी प्रोग्राम था। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में उन्होंने शाम ए बनारस कार्यक्रम में गजलों की प्रस्तुतियां दी थी।
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में उन्होंने जब चांदी जैसा रंग है तेरा सोने जैसे बाल गया तो दर्शन झूम उठे थे। इस दौरान उन्होंने काशी को मोक्ष नगरी कहा था। उन्होंने यह भी कहा था कि जिस नगरी में खुद बाबा विश्वनाथ विराजमान हैं, उस नगरी के लोग काफी खुशनसीब हैं।
रात तक सुनाए गजल, सुबह हुआ केस
यह घटना करीब 11 साल पहले की है। वाराणसी के बनारस क्लब में कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। कार्यक्रम में स्टेज शो के लिए पंकज उधास को बुलाया गया था। उन्होंने गजल सुनाना शुरू किया तो अधिकारी मंत्री सभी लोग झूमने लगे।
पंकज की आवाज में इतना जादू था कि लोग मंत्र मुग्ध हो गए। लाउडस्पीकर के चलते ध्वनि प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम को 10 बजे बंद किया जाना था लेकिन दर्शकों की डिमांड के चलते पंकज को स्टेज से उतरने का मौका नहीं मिला।
दर्शकों की डिमांड एक के बाद एक गजल सुनने की बढ़ती रही और पंकज उधास भी दर्शकों को नाराज किए बगैर उनकी डिमांड को पूरी करते रहे। रात तक उन्होंने गजलें सुनाई और सुबह उनके खिलाफ वाराणसी में केस दर्ज हो गया। इस मामले में पहली सुनवाई 1 मार्च 2013 को हुई थी। अभी भी मामला विचाराधीन है।
वाराणसी के रहने वाले उनके प्रशंसक राकेश कुमार ने बताया कि अब पंकज उधास हम लोगों के बीच नहीं हैं, अब उनकी गजलें ही हमें और हमारे आने वाली पीढ़ियों को उनकी याद दिलाती रहेंगी।












Click it and Unblock the Notifications