संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र, मिलेगा सर्टिफिकेट और डिप्लोमा
वाराणसी, 08 जून: संस्कृत भाषा को बढ़वा देने के लिए उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में प्रशिक्षण केंद्र शुरू हो गया है। यह केंद्र संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ है और ऑनलाइन चलेगा। यूनिवर्सिटी द्वारा ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से आम जनमानस में संस्कृत संभाषण प्रशिक्षण, समस्त शास्त्र प्रशिक्षण तथा योग, वास्तु शास्त्र, ज्योतिष, कर्मकांड, तीर्थ पुरोहित अर्थक विषयों में ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इतना ही नहीं, इन पाठ्यक्रमों को पूर्ण करने पर सर्टिफिकेट व डिप्लोमा भी दिया जाएगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी के नियमित प्रोफेसरों के साथ-साथ अन्य यूनिवर्सिटियों के शिक्षकों द्वारा भी छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए 1 करोड़ 16 लाख रुपये 50 हजार रुपए का अनुदान स्वीकृत किया गया है। इस बाबत संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी के कुलपति ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग का एक पत्र प्राप्त हुआ है। इस पत्र से ज्ञात हुआ कि वित्तीय वर्ष 2022-23 मे ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र के लिए 1 करोड़ 16 लाख रुपये 50 हजार रुपए का अनुदान स्वीकृत किया गया है।
प्रतिवर्ष 10 हजार छात्रों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र के जरिए प्रथम वर्ष 2022-23 में लगभग दो हजार छात्रों, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में लगभग तीन हजार छात्रों एवं चतुर्थ एवं पांचवें वर्ष 2025-2026 से 2026-27 तक प्रतिवर्ष लगभग 10 हजार छात्रों को ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इतना ही नहीं, प्रशिक्षण देने वाले शिक्षकों को 500 रुपए का मानदेय पर 180 दिन के लिए 54.00 लाख वार्षिक व्ययभार अनुमानित है।
20 दिन चलेगी कक्षाएं
कुलपति प्रो हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी स्थापित किए जाने वाले ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र से प्रतिदिन 20 कक्षाएं संचालित होगी। इतना ही नहीं, लैब स्थापना के लिए 47.00 लाख, लैब संचालन से संबंधित सामग्री के लिए 5.00 लाख, कम्प्यूटर ज्ञाता को मानदेय के लिए 3 लाख व 2 यन्त्र सहायक के मानदेय के लिए 06.00 लाख वार्षिक व्ययभार अनुमानित है। इसके अतिरिक्त परामर्श आउटरीच के लिए 0.5 लाख एवं यात्रा संगोष्ठी के लिए 1.00 लाख रुपये की आवश्यकता होगी।












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