IIT BHU molestation: लगाई गई 6 टीमें, 200 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले, संदिग्धों से पूछताछ जारी
IIT BHU में पढ़ने वाली छात्रा के साथ छेड़छाड़ के मामले में अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। हालांकि आरोपियों को पकड़ने के लिए एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस सहित कुल छह टीमें लगाई गई हैं।
आरोपियों को पकड़ने के लिए और उनकी पहचान के लिए पुलिस टीम द्वारा 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले गए हैं। बताया जा रहा है कि सीसीटीवी फुटेज में बुलेट सवार आरोपी पुलिस को दिखाई दिए हैं।

वाहन नंबर और उनकी हुलिया के आधार पर पुलिस टीम द्वारा उन रास्तों पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं जिन रास्तों से आरोपी फरार हुए थे। इसके अलावा घटना की रात्रि में उस स्थान व आसपास एक्टिव मोबाइल नंबर के आधार पर भी जांच पड़ताल की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध युवक नजर आया था। जिसकी फोटो पुलिस द्वारा पीड़िता को भेजी गई लेकिन पीड़िता ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया। पीड़िता द्वारा इनकार किए जाने के बाद भी उसी युवक को आरोपी बता कर कुछ लोगों द्वारा उसका फोटो वायरल कर दिया गया।
फिलहाल मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस भी कड़ाई से जांच पड़ताल में लगी हुई है। यह भी बात सामने आई है कि पुलिस द्वारा 7-8 युवकों को पकड़ कर उनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि पुलिस की तरफ से आधिकारिक सूचना अभी तक नहीं जारी हुई है।
अमिताभ ठाकुर ने लगाया निर्दोष को फसाने का आरोप
पूर्व आईपीएस और अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर द्वारा एक निर्दोष युवक को पकड़े जाने के मामले में जांच की मांग की गई है। पुलिस अधिकारियों से शिकायत करते हुए अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया कि चितईपुर के राजीव नगर कॉलोनी निवासी एक युवक को आईआईटी बीएचयू प्रकरण में 3 नवंबर को पुलिस ने पकड़ा था।
उसे युवक को पड़कर पुलिस उसे थाने में रखी थी, उसके बाद उसका फोटो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया गया। उनकी मांग है कि इस मामले में युवक के परिवार की बुरी तरह मानहानि हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को फसाया जाना स्वयं में एक गंभीर अपराध होगा।












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