Varanasi Weather: वाराणसी में उमस से जनजीवन बेहाल, सूख रही धान की फसल, IMD के मुताबिक इस दिन होगी बारिश
Varanasi Weather: वाराणसी में कई दिनों से बरसात नहीं हो रही है, ऐसे में भारी उमस ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग द्वारा भी इधर 2 दिनों में बारिश की कम ही संभावना जताई जा रही है। बरसात न होने से किसान भी काफी परेशान है और धान की फसल भी प्रभावित नजर आ रही है।
आलम यह है कि वाराणसी में अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी की तरफ प्रेशर सिस्टम बन रहा है। ऐसे में अभी एक-दो दिन बरसात के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।

यह भी बताया गया कि वाराणसी में 28 जुलाई को सामान्य बरसात हो सकती है तथा 29 जुलाई को मूसलाधार बरसात की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग द्वारा भी यही आंकड़े जारी किए गए हैं। वहीं बीएचयू के मौसम विज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव द्वारा भी ऐसा ही कुछ बताया जा रहा है।
बरसात न होने से धान की पैदावार होगी प्रभावित
वाराणसी के ग्रामीण इलाकों में अधिकतर किसानों द्वारा अपने खेतों में धान की रोपाई करा दी गई है। करीब 20 फ़ीसदी किसानों के खेत में अभी धान की रोपाई बाकी है। किसानों का कहना है कि शुरुआती समय में ही बरसात नहीं हो रही है। धान के खेत में दरारें पड़ गई हैं।
यदि यही आलम रहा तो इस साल धान पैदावार भी प्रभावित हो सकती है। किसानों द्वारा बताया गया कि दिन में तेज धूप होने के चलते धान के खेत में पंपिंग सेट या सबमर्सिबल से सिंचाई करने के चलते भी धान की फसल को नुकसान पहुंच रहा है।
इस बारे में कृषि विशेषज्ञ देवमणि तिवारी से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में दोपहर में कड़ी धूप हो रही है, ऐसे में किसान भाइयों को सुबह के समय अपने खेत में सिंचाई नहीं करनी चाहिए। सुबह में सिंचाई करने के बाद यदि धान के खेत में पानी रहेगा तो दोपहर में तेज धूप के चलते पानी गर्म हो जाएगा।
पानी गर्म हो जाने के कारण धान की फसल को वह काफी प्रभावित करेगा और अधिक गर्म होने पर धान की फसल सूख भी सकती है। ऐसे में उन्होंने यह भी कहा कि धान की फसल में सिंचाई करने के लिए सायं काल और रात का समय सबसे अच्छा है। धान के खेत में उतना ही पानी भरा जाए जितना कि धूप होने से पहले पानी सूख जाए।












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