Flashback 2022: काउंटिंग से पहले EVM को लेकर गरमाई थी सियासत‚ पहड़ियां में 9 घंटे चला था बवाल

8 मार्च 2022 को वाराणसी जिले के पहड़िया मंडी में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को बदल दिए जाने की सूचना पर जमकर बवाल हुआ था। इस मामले को लेकर प्रदेश का सियासी माहौल गरमा गया था।

EVM Varanasi

Flashback2022: विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान वाराणसी की पहड़िया मंडी में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन EVM में फेरबदल करने की अफवाह के चलते काफी हड़कंप मचा हुआ था। पहले समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं और उसके बाद भाजपा को छोड़कर अन्य पार्टियों के लोग भी ईवीएम में गड़बड़ी और चोरी का आरोप लगाते हुए वीडियो शेयर करना शुरू किए थे। देखते ही देखते पहड़िया मंडी में सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच गए और जमकर हंगामा किए। पहाड़िया मंडी में करीब 9 घंटे तक बवाल चला इस दौरान उपद्रव करने वाले लोगों ने ईंट पत्थर तक चलाए। इस मामले के चलते उत्तर प्रदेश का सियासी माहौल गर्म हो गया था। आइए जानते हैं क्या था पूरा मामला...

पहड़िया मंडी में रखी गई थी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन

पहड़िया मंडी में रखी गई थी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन

दरअसल वाराणसी में सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को पहड़िया मंडी में रखा गया था। इसी बीच समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी 8 मार्च को वहां पहुंचे। सपा नेताओं ने देखा कि दो वाहनों में ईवीएम को भरकर कहीं ले जाया जा रहा है। सपा के नेता गाड़ी को रोक लिए और फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो चलाने लगे। ईवीएम में फेरबदल करने की अफवाह इतनी तेजी से फैल गई कि देखते ही देखते काफी संख्या में लोग पहड़िया मंडी पहुंच गए। समाजवादी पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी गठबंधन के प्रत्याशी सुनील सोनकर और अनिल राजभर भी मौके पर पहुंचे। शाम को यह मामला सामने आया उसके बाद धीरे-धीरे लोगों का जुटान होने लगा।

पहड़िया मंडी में नेता करने लगे नारेबाजी

पहड़िया मंडी में नेता करने लगे नारेबाजी

मौके पर मौजूद निर्वाचन अधिकारियों द्वारा बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को उदय प्रताप कॉलेज में मतगणना करने वाले अधिकारियों को ट्रेनिंग के लिए ले जाई जा रही है। अधिकारियों द्वारा यह भी कहा गया कि पकड़ी गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में वोट नहीं है। लेकिन मौके पर मौजूद नेता और कार्यकर्ता यह बात मानने को तैयार नहीं हुए। समाजवादी पार्टी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों के नेता भी वहां पर पहुंचने लगे। सायं काल पहड़िया मंडी में धरना प्रदर्शन शुरू हो गया। धरना प्रदर्शन करने के साथ ही नेताओं द्वारा जिला प्रशासन और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की जाने लगी।

अखिलेश यादव के आने की अफवाह से बड़ी भीड़

अखिलेश यादव के आने की अफवाह से बड़ी भीड़

इसी बीच वहां मौजूद लोगों द्वारा यह अफवाह फैलाई गई कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव पहड़िया मंडी आ रहे हैं। यह सूचना मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के काफी संख्या में कार्यकर्ता रात 8 बजे तक पहड़िया मंडी पहुंच गए। धीरे-धीरे लोगों की भीड़ बढ़ने लगी थी ऐसे में मौजूद पुलिस फोर्स द्वारा हल्का बल प्रयोग करते हुए लोगों को वहां से खदेड़ा गया। बाहर निकलने के बाद नारेबाजी कर रहे लोग एडीजी के गाड़ी पर पथराव कर दिए। इतना ही नहीं कमिश्नर जब पहड़िया मंडी पहुंचे तो गेट पर बैरिकेडिंग लगाकर उनके वाहन को रोका गया। गाड़ी निकालने की तैयार की गई तो उसके बाद लोगों ने पथराव कर दिया जिससे वाहन चालक लालता प्रसाद यादव घायल हो गए। बाद में पुलिस ने लाठी पीटते हुए किसी तरह भीड़ को काबू में किया।

वाराणसी में जगह-जगह होने लगा धरना प्रदर्शन

वाराणसी में जगह-जगह होने लगा धरना प्रदर्शन

पहाड़िया मंडी में लाठीचार्ज की सूचना मिलने के बाद समाजवादी पार्टी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, कांग्रेस, बहुजन समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शहर के अलग-अलग इलाकों में धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिए। वाराणसी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के हरतीरथ चौराहे पर समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चक्का जाम कर दिया इसके अलावा बड़ी बाजार, गोलगड्डा चौराहा सहित अन्य स्थानों पर भी काफी संख्या में लोग एकत्र होकर धरना प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगे। वही जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा और पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश पहड़िया मंडी में रुके रहे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने रात में ही जारी किया रिलीज

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने रात में ही जारी किया रिलीज

वाराणसी में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर हंगामा और बवाल को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश द्वारा सूचना जारी की गई। सूचना जारी करते हुए बताया गया कि मतदान में प्रयोग की गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें स्ट्रांग रूम में रखी गई हैं उन मशीनों का बाहर मिली मशीनों से कोई लेना देना नहीं है। रिलीज में अभी स्पष्ट लिखा गया था कि बाहर पकड़ी गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें मतगणना अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए उदय प्रताप कॉलेज स्थित प्रशिक्षण स्थल ले जाई जा रही थी। इलेक्ट्रॉनिक मशीनों के द्वारा ही मतगणना में लगने वाले लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी। यह भी बताया गया कि स्ट्रांग रूम में रखी गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पूरी तरह सील की गई हैं और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में सुरक्षित हैं।

300 नेताओं कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

300 नेताओं कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

वाराणसी में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर बवाल करने वाले लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से की गई। सीसी टीवी के माध्यम से पहचान करने के बाद 300 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। एडीजी जोन के घायल चालक की तहरीर पर लालपुर पांडेपुर थाने में मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई। इस मामले में उपद्रव करने वाले और वाहनों पर पत्थरबाजी करने वालों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर करते हुए उनकी गिरफ्तारी भी की गई। इसके अलावा थाने में भी 40 नामजद समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में काफी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

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