Dev Deepawali: काशी विश्वनाथ मंदिर की दीवारों पर पहली बार लाइट एंड साउंड सिस्टम, गलियां भी होंगी रोशन
Dev Deepawali पर्व पर वाराणसी में दिखेगा भव्य नजारा, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की दीवारों पर लाइट एंड साउंड सिस्टम और गलियां भी होंगी रोशन
वाराणसी में Dev Deepawali को भव्य रुप से मनाने को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही है। देव दीपावली को लेकर कमिश्नर कौशल राज शर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक की गई। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश, नगर आयुक्त प्रणय सिंह, वीसी वीडीए अभिषेक गोयल, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान बताया गया कि इस बार देव दिवाली पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के दीवारों पर लाइट एंड साउंड सिस्टम लगाया जाएगा। लाइट एंड साउंड सिस्टम लगाए जाने के बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता और बढ़ जाएगी। बताया गया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की दीवारों पर लाइट एण्ड साउण्ड का कार्यक्रम होगा। जो 15-15 मिनट के समय अन्तराल पर किया जाएगा।

राष्ट्रपति के आगमन पर संशय
पिछले दिनों मीडिया में खबरें सामने आई थी कि देव दिवाली के पर्व पर 7 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वाराणसी आएंगी। वाराणसी में रविदास घाट से कुरूद पर सवार होकर राष्ट्रपति द्वारा गंगा आरती और भव्य देव दिवाली को देखा जाएगा। यह भी बताया गया था कि राष्ट्रपति काफी समय तक वाराणसी में रुक सकती हैं, लेकिन अभी तक राष्ट्रपति के आगमन को लेकर प्रोटोकॉल जिला प्रशासन को नहीं मिला है। ऐसे में कमिश्नर द्वारा बताया गया कि अभी तक देव दिवाली पर्व पर राष्ट्रपति के वाराणसी आगमन कोई सूचना नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि देव दिवाली पर्व पर काफी संख्या में वीआईपी शहर में आएंगे।

नाविकों को दिया गया निर्देश
देव दीपावली पर पर काफी संख्या में वाराणसी में भ्रमण करने के लिए आते हैं। गंगा किनारे अर्धचंद्राकार रूप में जल रहे दीपों को गंगा नदी में से देखने में काफी भव्य लगता है। यही कारण है कि देव दीपावली के दिन एक भी नौका खाली नहीं रहती है। 3 से 4 गुना अधिक रेट पर नौकाओं की बुकिंग होती है। ऐसे में कमिश्नर द्वारा निर्देशित किया गया कि नाव पर क्षमता के अनुसार ही यात्रियों को बैठाया जाए। ओवरलोडिंग नाव चलाने पर नाविक को पकड़ कर उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी नाविक किसी बच्चे से नाम नहीं चलवायेगा, यदि कोई बच्चा गंगा नदी में नाव चलाते दिखाई दिया तो मालिक के विरुद्ध ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

यातायात प्रबंधन को लेकर दिया गया निर्देश
देव दीपावली पर्व पर वाराणसी में काफी संख्या में आने वाले पर्यटकों को देखते हुए कमिश्नर कौशल राज शर्मा द्वारा निर्देश दिया गया है कि देव दीपावली के दिन सुगम यातायात के लिए किसी भी वाहन को घाट से पांच सौ मीटर पहले ही रोक दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गलियों में लाइट लगाए जाएं और रोशनी व्यवस्था दुरुस्त रहे। गलियों में लाइट लगाए जाने के चलते रात में लोगों को आने जाने में किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि लाइट व्यवस्था के साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने की भी पूरी व्यवस्था की जाए।

कहीं पर न दिखाई दे आवारा पशु
कमिश्नर द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गलियों में कहीं भी आवारा पशु नहीं दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देव दीपावली पर भीड़ में यदि कोई आवारा पशु पहुंच गया और आक्रामक हो गया तो भगदड़ जैसी स्थिति हो सकती है, ऐसे में जहां भी कहीं आवारा पशु दिखाई दे रहा है तत्काल उसे पकड़कर गोशाला में डाला जाए। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि लाइव जैसी व्यवस्था की जाए जिससे किसी भी प्रकार से कहीं भी करंट उतरने जैसी अप्रिय घटना ना होने पाए। भीड़ के दौरान करंट उतरने पर भी भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था, प्रकाश, पेयजल, यातायात, अग्निशमन, चिकित्सा, परिवहन, पर्यटन व पुलिस जैसे महत्वपूर्ण विभाग को तैयारियां समय से पूर्ण कर लिये जाने का निर्देश दिया।

सात नवंबर को रहेगा अवकाश
कमिश्नर ने कहा कि सात नवम्बर को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है, जिससे महोत्सव में अधिक से अधिक लोग महोत्सव में भाग ले सकें। साथ ही तैयारियों हेतु पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध हों और समय से कार्य पूर्ण किया जा सके। 06 नवम्बर को प्रात: सात बजे से आठ बजे तक सभी घाटों पर नदी को साफ करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाने की सभी नागरिकों से अपील की। महोत्सव के उपरान्त घाटों की गंदगी को साफ करने में जन सहयोग की अपील करते हुए दिये व अन्य सामग्री इधर उधर फेकने से बचने के लिये लोगों को जागरूक करने को कहा।












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