UP News: वाराणसी के धर्मशाला में आंध्र प्रदेश के एक परिवार के चार लोगों ने की सामूहिक आत्महत्या
UP News: वाराणसी जिले के दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के देवनाथपुरा में स्थित एक धर्मशाला में गुरुवार को आंध्र प्रदेश के एक परिवार के चार लोगों ने सामूहिक रूप से आत्महत्या कर लिया। आत्महत्या करने वालों में पति-पत्नी और दो बेटे शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सुदखोंरों से परेशान होने के बाद चारों ने ऐसा कदम उठाया।
इस मामले की जानकारी होने के बाद पुलिस के आला अधिकारी शाम को ही धर्मशाला में पहुंचे और चारों की लाश काे फांसी के फंदे से नीचे उतरा गया। इसके अलावा फॉरेंसिक टीम को भी वहां बुलाया गया और फॉरेंसिक टीम द्वारा भी जांच पड़ताल की गई।

वाराणसी में रहने वाले आंध्र आश्रम के प्रमुख वीवी सुंदर द्वारा बताया गया कि परिवार के सभी लोग 3 दिसंबर को वाराणसी आए थे। वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन करने की बात कहकर चारों देवनाथपुरा स्थित कैलाश भवन धर्मशाला के तीसरी मंजिल पर ठहरे हुए थे।
धर्मशाला के लोगों द्वारा बताया गया कि उन लोगों ने कहा था कि दिसंबर को चेक आउट करने के बाद वे चले जाएंगे। 6 दिसंबर को लोगों ने चेक आउट नहीं कराया। ऐसे में धर्मशाला के लोगों को लगा कि लोग अभी आराम कर रहे हैं, इसलिए उनके कमरे का दरवाजा खुलवाने कोई नहीं गया।
7 दिसंबर को भी उनके कमरे से कोई हलचल नहीं दिखाई दी। ऐसे में शाम को धर्मशाला की रहने वाली एक महिला कर्मचारी वहां पहुंची और दरवाजा खटखटाई। महिला कर्मचारी के पहुंचने के बाद भी अंदर से कोई हलचल नहीं सुनाई पड़ी। उसके बाद वह खिड़की से देखी तो कमरे में चार लोग फांसी के फंदे पर लटके हुए थे।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो कागजात के आधार पर उनकी पहचान 50 वर्षीय कोंडा, 45 वर्षीय लावणिया, 23 वर्षीय जय राज तथा 25 वर्षीय राजेश के रुप में की गई। उसके बाद पुलिस द्वारा चारों की लाश को फांसी के फंदे से नीचे उतरा गया।
समीप में ही एक सुसाइड नोट बरामद हुआ जिसमें उनके द्वारा लिखा गया था कि कोई छोटा कारोबार करने के लिए उन लोगों ने कर्ज ले रखा था और कर्ज चुकता न करने के चलते वे काफी तनाव में चल रहे थे। सुसाइड नोट में इस बात का भी जिक्र है कि उन लोगों को सूदखोर परेशान कर रहा था जिसके चलते वे अपने घर पर नहीं रह रहे थे।












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