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Banaras Wale Mishra Ji की बयानबाज़ी पड़ी भारी, मारपीट के बाद अब अस्पताल से निकलते ही पुलिस ने भेजा जेल

Banaras Wale Mishra Ji: वाराणसी की सियासत में इन दिनों एक ही नाम गूंज रहा है- 'बनारस वाले मिश्रा जी'। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक चर्चा में रहने वाले सपा नेता हरीश मिश्रा अब जेल की हवा खा रहे हैं। मामला इतना तूल पकड़ा कि पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करना पड़ा।

करणी सेना से पंगा लेना उन्‍हें भारी पड़ गया। कथित तौर पर करणी सेना के सदस्य मिश्रा जी के घर पहुंच गए और फिर जो हुआ उसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी। सिगरा थाने की पुलिस को एक्शन में आना पड़ा और मामला दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमे तक पहुंच गया।

Banaras Wale Mishra Ji

'कुकर्मी सेना' कहकर फंसे मिश्रा

मामला तब बिगड़ा जब सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने राणा सांगा पर बयान दिया और करणी सेना भड़क गई। आगरा में 12 अप्रैल को प्रदर्शन का ऐलान हुआ, तो मिश्रा जी भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने सोशल मीडिया पर करणी सेना को 'कुकर्मी सेना' कह डाला।

बात केवल संगठन की ही नहीं थी। आराध्य देवी के नाम पर संगठन का नाम होने के चलते मामला तूल पकड़ लिया। आरोप है कि हरीश मिश्रा ने आराध्य देवी के बारे में भी आपत्तिजनक बातें कह दीं। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया।

यही बयान आग में घी साबित हुआ। कथित तौर पर करणी सेना के समर्थक वाराणसी पहुंच गए और मिश्रा के घर पर पहुंचकर उनसे भिड़ गए। झड़प के दौरान दोनों ओर से मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए। स्थानीय लोगों ने दो हमलावरों को पकड़कर पिटाई भी कर दी।

अस्पताल से सीधे पहुंचे हवालात

घटना के बाद मिश्रा जी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन जैसे ही उनकी हालत में सुधार हुआ, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। सोमवार को उन्हें बाकायदा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

इधर, अखिलेश यादव भी चुप नहीं बैठे। उन्होंने सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया और कहा कि भाजपा सरकार में विरोध की आवाज़ को दबाया जा रहा है।

कई पार्टियों में बदल चुके हैं ठिकाने

हरीश मिश्रा की अभी तक की राजनीतिक यात्रा भी किसी फ़िल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। शुरुआत भगत सिंह युवा मोर्चा से हुई, फिर कांग्रेस सेवा दल से जुड़े, वहां से निकाले गए, तो शिवपाल यादव की पार्टी में पहुंचे। फिर पहुंचे AIMIM और 2022 में कैंट से विधानसभा चुनाव लड़ा।

हर राजनीतिक मंच से उन्होंने सोशल मीडिया को हथियार बनाया, और वही हथियार अब उन्हें जेल तक ले आया है। हर दल में रहते हुए भी उनका अंदाज़ हमेशा अलग और विवादित रहा। जिसके चलते वे हमेशा चर्चा में रहे।

मिश्रा जी का सोशल मीडिया स्टाइल खासा आक्रामक रहा है। उन्होंने रामदेव, रामभद्राचार्य, योगी और मोदी तक को नहीं छोड़ा। तीखे बयान और विवादित पोस्ट के जरिए उन्होंने लाखों की फॉलोइंग बना ली थी। यही फॉलोइंग देखकर अखिलेश यादव ने उन्हें सपा में शामिल भी किया। लेकिन अब वही जुबान उनके लिए गले की फांस बन चुकी है। करणी सेना इस पूरे विवाद को लेकर उग्र नजर आ रही है।

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