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Adipurush Movie: फिल्म के डायलॉग से संत समाज नाराज, बोले- शत्रुओं के लिए भी होता है मर्यादित शब्दों का चयन

Adipurush Movie Varanasi: हाल ही में रिलीज हुई आदिपुरुष फिल्म को लेकर वाराणसी में भी लोगों की नाराजगी देखने को मिल रही है। आदिपुरुष के डायलॉग पर आपत्ति जताते हुए काशी के लोगों ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है।

Adipurush Movie: हाल ही में रिलीज हुई आदिपुरुष फिल्म के डायलॉग को लेकर वाराणसी के लोगों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। वाराणसी के कई धार्मिक संगठनों द्वारा जहां पुलिस अधिकारियों को पत्र देकर फिल्म निर्माता निर्देशक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई वहीं संत समाज द्वारा भी नाराजगी प्रकट की जा रही है।

अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने वीडियो जारी करते हुए बताया कि फिल्म के संवाद लेखक मनोज वास्तव में मुंतशिर ही था, जिसने शुक्ला बनने की कोशिश की। सनानत धर्म में तथ्यों से छेड़छाड़ और महापुरुषों का सरलीकरण करना, परमात्मा का सरलीकरण करना, अक्षम्य अपराध है।

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आगे उन्होंने यह भी कहा कि इस फिल्म के संवाद ऐसे हैं, जैसे मोहल्ले के टपोरी छाप लेखक प्रयोग करते हैं और यह हमें स्वीकार नहीं है। धर्म का क्षेत्र मर्यादा चाहता है। शब्दों का चयन शत्रुओं के लिए भी मर्यादित ही होता है और ऐसे मर्यादा विहीन लेखक और निर्देशक कभी स्वीकार नहीं किए जा सकते।

इसके अलावा श्री भवानी फाउंडेशन ट्रस्ट के संरक्षक सौरभ मौर्या द्वारा भी सिगरा थाने में फिल्म के निर्देशक ओम राऊत और डायलॉग राइटर मनोज मुंतशिर पर मुकदमा दर्ज करने के लिए शिकायती पत्र दिया गया। सौरभ ने पुलिस कमिश्नर को भी पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।

सौरभ मिश्रा द्वारा मीडिया को बताया गया कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित महाकाव्य रामायण करोड़ों सनातनी की आस्था का केंद्र है और रामायण पर इस तरह फिल्म बनाकर सनातन धर्म के लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसे में फिल्‍म बनाने वाले लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

सौरभ मौर्या ने कहा कि फिल्म में लंका दहन से पहले जिस तरह से हनुमान जी द्वारा कहा गया है कि "कपड़ा तेरे बाप का, तेल तेरे बाप का और जलेगी भी तेरे बाप की", ऐसे शब्द कभी हनुमान जी द्वारा कहा ही नहीं जा सकता है इसके अलावा कई अन्य डायलॉग भी ऐसे हैं जिसके चलते सनातन धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं।

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