उत्तराखंड चुनाव में भावनात्मक मुद्दों से बीजेपी को होगा फायदा या अपने ही पूर्व सीएम के बयानों से बढ़ेगी टेंशन
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने चुनावी साल में धर्मांतरण को लेकर सख्त कानून बनाने की करी पैरवी
देहरादून, 10 सितंबर। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी हिंदुत्व और भावनात्मक मुद्दों को चुनाव मुद्दों में शामिल कर एक बड़े वोटबैंक को रिझाने में जुटी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर चुनावी साल में धर्मांतरण को लेकर सख्त कानून बनाने की पैरवी की है। सीएम के चुनावी साल में धर्मांतरण को लेकर यूपी की तर्ज पर सख्त कानून बनाने की पैरवी के बाद चुनावी माहौल भी गर्मा गया है। इस बीच बीजेपी सरकार के पूर्व मुख्यमंत्रियों की लव जिहाद को लेकर अपने-अपने कार्यकाल में दिए गए बयान से बीजेपी को चुनावों में विपक्ष और जनता के कई सवालों के जवाब भी देने पड़ सकते हैं। बीजेपी शासन में तीनों सीएम के लव जिहाद को लेकर अलग-अलग राय सामने आ चुकी है।

लव जिहाद पर सख्त कानून की पैरवी
सीएम ने एक कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत में कहा कि उत्तराखंड में धर्मांतरण को कानून को सख्त बनाए जाने पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि जिहाद को रोकने और धार्मिक स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए यह बेहद आवश्यक है। कानून को सख्त बनाने को अधिकारियों से इसका मसौदा तैयार करने को कहा गया है। उम्मीद है कि उत्तराखंड में पहले से अधिक प्रभावी और सख्त कानून धर्मांतरण के खिलाफ तैयार हो सकेगा। सीएम ने यूपी की तर्ज पर सख्त कानून बनाने की बात की है।
तीन सीएम तीन राय
सीएम पुष्कर सिंह धामी के बयान के बाद बीजेपी के शासनकाल में सीएम रहे तीरथ सिंह रावत और त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे हैं। जिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि एक ही सरकार के 3 मुख्यमंत्रियों की धर्मांतरण के मुद्दे पर राय अलग-अलग कैसे हो सकती है।
त्रिवेंद्र ने लव क्रांति सेना का किया था समर्थन
बीजेपी शासन के पहले सीएम रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लव जिहाद के बदले लव क्रांति सेना तैयार करने के बीजेपी विधायक संजय गुप्ता के बयान का समर्थन किया था। त्रिवेंद्र का कहना था कि लव जिहाद के चलते कई बार कानून व्यवस्था को खतरा पैदा हो जाता है। उन्होंने कहा था कि लव जिहाद जैसे गलत परंपराओं की इजाजत नहीं दी जा सकती है। बीजेपी विधायक संजय गुप्ता ने लव क्रांति को लेकर 500 युवाओं की सेना तैयार करने का दावा किया था। खास बात ये है कि उस समय संजय गुप्ता के बयान का तब विधायक के तौर पर पुष्कर सिंह धामी ने भी समर्थन किया था।
तीरथ ने किया था दावा, दूसरे राज्यों जितनी बड़ी नहीं समस्या
त्रिवेंद्र सिंह रावत के बाद सीएम बनाए गए तीरथ सिंह रावत ने लव जिहाद को लेकर अलग राय दी थी। तीरथ ने वीएचपी के एक कार्यक्रम में कहा था कि लव जिहाद की समस्या उत्तराखंड में दूसरे राज्यों जितनी बड़ी नहीं है हालांकि उन्होंने जोर देकर यह भी कहा कि इसे रोकने के लिए जरूर कदम उठाए जाएंगे। तीरथ का यह बयान तब आया था जब वीएचपी लव जिहाद को लेकर काफी गंभीर और बड़ी समस्या बता रही थी। लेकिन तीरथ सिंह रावत ने बतौर सीएम उत्तराखंड में लव जिहाद को दूसरे राज्यों की तुलना में छोटी समस्या बता दी।












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