केदारनाथ में हेलीकॉप्टर सेवा पर प्रतिबंध हटने के बाद भी उड़ान पर क्यों लगा ब्रेक, जानिए अब क्या हुआ
Kedarnath helicopter service: केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा को लेकर लगा प्रतिबंध हटने के बाद भी हेली सर्विस सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पाई है। मंगलवार 17 जून से हेली सेवा शुरू होनी थी, लेकिन खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाए। आज बुधवार को भी पर्वतीय जिलों में मौसम खराब है, जिस वजह से हेली सेवा बाधित हो रही है।
बता दें कि बीते रविवार 15 जून को केदारनाथ धाम से यात्रियों को लेकर वापस गुप्तकाशी लौट रहा हेलीकॉप्टर गौरीकुंड के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हेलीकॉप्टर क्रैश में पायलट समेत सात लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद राज्य सरकार की सख्ती और डीजीसीए के निर्देश पर 15 जून और 16 जून को हेली सेवाओं का संचालन बंद कर दिया गया था।

मंगलवार 17 जून से हेली सेवा शुरू होनी थी, लेकिन खराब मौसम की वजह से हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाए। गौर हो कि आने वाले समय में मानसून शुरू होते ही हेली सेवाओं का संचालन बंद हो जाता है। पिछले सीजन में 22 जून को हेली सेवा मानसून के लिए बंद कर दी गई थी। ऐसे में कुछ ही दिनों में मानूसन के चलते हेली सेवा को फिर से रोकना पड़ सकता है।
15 से लेकर 17 जून तक के टिकट बुक किए थे, उन लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. जिस तरह से ट्रेन कैंसिल होने के बाद टिकट का पूरा पैसा वापस अकाउंट में भेज दिया जाता है, इसी तरह मौसम खराब या तकनीकी दिक्कतों की वजह से रद्द हुई हेली सेवा के बाद यात्रियों को उनका पूरा पैसा वापस भेज दिया जाएगा।
उत्तराखंड में पिछले 45 दिनों के भीतर हुई पांच हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने कमांड एंड कोऑर्डिनेशन सेंटर बनाने का निर्णय लिया था। जिसके बाद 17 जून से हेली सेवाओं का संचालन शुरू करने का निर्णय लेने के साथ ही सहस्त्रधारा हेलीड्रोम में विशेषज्ञों की टीम लगाई गई।
इस टीम में मौसम विभाग, डीजीसीए, हेली ऑपरेटर और पायलट के बीच समन्वय बनाए जाने को लेकर कमांड एंड कोऑर्डिनेशन सेंटर बनाया गया है। ताकि मौसम की सटीक जानकारी, डीजीसीए की ओर से जारी होने वाले सर्कुलर समेत सारी महत्वपूर्ण सूचनाओं का बेहतर ढंग से आदान-प्रदान किया जा सके।
केदारनाथ धाम के लिए गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा हेलीपैड से हेलीकॉप्टर यात्रियों को लेकर उड़ान भरते हैं। 15 जून को हुई दुर्घटना से पहले डीजीसीए के मानकों का सही ढंग से पालन नहीं किया जा रहा था, लेकिन अब हेलीकॉप्टर संचालन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
ऐसे में डीजीसीए की ओर से जारी किए गए सर्कुलर के तहत गुप्तकाशी और फाटा से हर घंटे के लिए तीन- तीन स्लॉट और सिरसी के लिए हर घंटे में चार स्लॉट तय किए गए हैं। लेकिन विशेष निगरानी शुरू करने के बाद पहले दिन ही हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर पाए।












Click it and Unblock the Notifications