उत्तराखंड में युवाओं और महिलाओं पर ही क्यों खेल रहे सियासी दल दांव, जानिए असली वजह
उत्तराखंड में युवाओं और महिलाओं पर ही खेल रहे सियासी दल दांव, वोट प्रतिशत में भी निकले आगे
देहरादून, 18 दिसंबर। मिशन 60 प्लस में जुटी भाजपा सबसे ज्यादा अपने टिकट दावेदारों पर फोकस कर रही है। अब तक टिकट फॉर्मूले को लेकर सीधी बयानबाजी से बच रही भाजपा अब खुले तौर पर टिकट फॉर्मूला सार्वजनिक कर रही है। भाजपा इस बार युवाओं और महिलाओं को ज्यादा टिकट देने जा रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने टिकट फॉर्मूले को लेकर ये जानकारी दी है। इससे पहले कांग्रेस ने भी अपने टिकट बंटवारे में महिलाओं और युवाओं पर फोकस करने का दावा किया हैा जिसके पीछे की वजह वोट प्रतिशत मेंं युवा और महिलाओं का बढता वोट शेयर माना जा रहा हैा

पुराने चेहरे हो सकते हैं बाहर
उत्तराखंड में अब चुनाव कराने को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। ऐसे में सियासी दल अपने-अपने टिकटों को लेकर होमवर्क कर चुके हैं। दिसंबर अंत से जनवरी पहले सप्ताह तक भाजपा, कांग्रेस अपनी-अपनी पहली लिस्ट भी जारी कर सकते हैं। ऐसे में 50 परसेंट सीटों पर दोनों दलों के दावेदारों की लिस्ट तैयार हो चुकी है। कांग्रेस ने पहले ही महिलाओं, युवाओं और पूर्व सैनिकों को टिकट की दावेदारी में प्रमुखता देने का दावा किया है। जबकि भाजपा युवाओं और महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा टिकट देने का दावा कर रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का ये बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा में पुराने सिटिंग विधायकों के टिकट कटने की खबरें वायरल हो रही हैं। दावा किया जा रहा है। भाजपा करीब 30 सीटों पर नए दावेदार खड़े कर सकती है। ऐसे में कई दिग्गजों के टिकट काटे जा सकते हैं। इन सीटों पर पार्टी युवा या महिला दावेदारों को चुनाव मैदान में खड़ा कर सकती है। खास बात ये है कि जिन सीटों पर पार्टी के विधायकों के निधन हुए हैं, उन सभी सीटों पर परिजनों को ही लड़ाने के संकेत मिल रहे हैं। कई ऐसे सिटिंग विधायकों को संगठन में जिम्मेदारी देने के साथ ही संगठन के लोगों को चुनाव में उतारने की रणनीति बनाई जा रही है। इसमें भी महिला और युवा प्रत्याशी ही प्राथमिकता में होंगेा

यूपी और उत्तराखंड में हो सकता है नया प्रयोग
महिलाओं को इस बार ज्यादा टिकट देने की मांग उत्तर प्रदेश से शुरू हुई, जब कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी में 40 परसेंट सीटों पर महिलाओं को प्राथमिकता देने का दावा किया। इसके बाद उत्तराखंड में भी महिला मोर्चा सक्रिय हो गया। जिसके बाद भाजपा और कांग्रेस में महिलाओं को ज्यादा टिकट देने के दावे शुरू हो गए हैं। युवा सीएम होने के कारण इस बार कांग्रेस और भाजपा युवा सरकार और युवा नेतृत्व का भी अपने-अपने तरीके से दांव चल रही है। अभी प्रदेश स्तर संगठन के इस फॉर्मूले पर हाईकमान की मुहर लगनी बाकि है।

युवा और महिला वोटर हैं ज्यादा
उत्तराखंड में इस बार राजनीतिक दल युवा और महिलाओं पर फोकस कर रहे हैं। इसका प्रमुख कारण युवा और महिला वोटरों की खासा तादात होना भी है। आकंड़ों पर गौर करें तो इस बार प्रदेश में अभी तक की जानकारी के अनुसार 78 लाख 46 हजार मतदाता हैं। इनमें 40 लाख 87 हजार 18 पुरुष और 37 लाख 58 हजार 730 महिला मतदाता हैं। आयु वर्ग में 18 से 19 आयु वर्ग के कुल 46,765 मतदाता, 20 से 29 आयु वर्ग के कुल 15 लाख 90 हजार 828 मतदाता और 30 से 39 आयु वर्ग के कुल 21 लाख 93 हजार 801 मतदाता हैं। यानी 18 से 39 आयु वर्ग के कुल 38 लाख 31 हजार 394 मतदाता हैं। जो कि राज्य की नई सरकार की दिशा तय कर सकते हैं।












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