Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

कौन बनेगा उत्तराखंड में BJP का नया प्रदेश अध्यक्ष,अमित शाह से महेंद्र भट्ट की मुलाकात के बाद ये चर्चा तेज

उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। जिसके बाद प्रदेश में एक बार फिर​ सियासत गरमा गई है। दरअसल भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना है। ऐसे में महेंद्र भट्ट की अमित शाह से मुलाकात के सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं।

साथ ही सियासी गलियारों में ये चर्चा शुरू हो गई है कि क्या महेंद्र भट्ट को रिपीट किया जा सकता है। ​प्रदेश अध्यक्ष पर फिर से महेंद्र भट्ट की ताजपोशी को लेकर कई तरह की सुगबुगाहट है। इस बीच प्रदेश में सांगठनिक चुनाव प्रक्रिया तेज हो गई है। फरवरी माह के अंतिम सप्ताह तक भाजपा का चुनाव सम्पन्न हो जाएगा।

Who will become new state president BJP Uttarakhand discussion Mahendra Bhatt meeting Amit Shah

ऐसे में मार्च में भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलना तय माना जा रहा है। फिलहाल पार्टी का एक धड़ा महेंद्र भट्ट को रिपीट करने की बात कर रहा है। इसके पीछे की वजह सीएम धामी से उनका बेहतर तालमेल और समीकरण के हिसाब से भी वे फिट बैठते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि कई बार पार्टी में एक व्यक्ति दो पद का विरोध होता आया है। महेंद्र भट्ट अब राज्यसभा के सांसद भी हैं।

ऐसे में इस बात का विरोध हो सकता है। लेकिन भाजपा के निर्णय अब तक चौंकाने वाले रहे हैं। ऐसे में कुछ भी असंभव नहीं है।अब तक जिन अन्य नामों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें विधायकों में खजानदास और विनोद चमोली का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। ब्राह्मण चेहरे के तौर पर पार्टी में पार्टी के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ज्योति गैरोला नाम रेस में बताए जा रहे हैं।

उधर मंडल अध्यक्षों के नाम के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। पार्टी का दावा है कि भौगोलिक स्थिति एवं सामाजिक समीकरण का ध्यान रखा जाएगा। जिसमें महिला ओबीसी एससी एवं एसटी वर्ग का विशेष रूप से आकलन करते हुए उचित प्रतिनिधित्व दिया जाना है। पार्टी की प्राथमिकता एक विधानसभा में आने वाले मंडलों के अध्यक्ष अलग-अलग सामाजिक वर्ग से रखने पर होगी।

मंडल अध्यक्ष के लिए मंडल के सक्षम पदाधिकारी, मोर्चों के जिला स्तर के सक्षम पदाधिकारी एवं पूर्व में विस्तारक योजना में रहे नाम पर विचार किया जाएगा। यदि कोई कार्यकर्ता दो बार लगातार मंडल अध्यक्ष रह चुका है तो वह तीसरी बार मंडल अध्यक्ष के लिए के लिए अनुमन्य नहीं होगा। वहीं अनुशासनहीनता एवं पार्टी विरोधी गतिविधियों में सम्मिलित होने के आरोपी को किसी कीमत पर इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+