Uttarakhand news: कौन हैं 'गुरुजी', जिन्हें कांग्रेस में शामिल कर हरीश रावत ने दिया BJP को झटका
उत्तराखंड में शुरू हुआ दलबदल का खेल, कांग्रेस ने मारी बाजी
देहरादून, 29 अगस्त। विधानसभा चुनाव आते ही उत्तराखंड में दलबदल की राजनीति शुरू हो गई है। 2022 की तैयारियों में जुटी कांग्रेस और पूर्व सीएम हरीश रावत ने सबसे पहले बीजेपी में सेंधमारी की है। बीजेपी नेता और आरएसएस से जुड़े महेंद्र सिंह नेगी ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। महेंद्र सिंह नेगी को कांग्रेस ज्वाइन कराने के बाद हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस के साथ जुड़ने का कारवां अब शुरू हो गया है। जो कि चुनावों तक जारी रहेगा।

हरीश रावत ने बीजेपी में मारी सेंधमारी
उत्तराखंड में सत्ता पाने के लिए कांग्रेस ने पूरा जोर लगा दिया है। कांग्रेस की चुनाव की कमान संभाल रहे पूर्व सीएम हरीश रावत भी हर मोर्चे पर आगे खड़े रहकर चुनावी माहौल को कांग्रेस के पक्ष में करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। इसके लिए पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए भी पार्टी बीजेपी से लेकर दूसरे दलों में भी सेंधमारी करने लग गई है। सबसे पहले कांग्रेस ने बीजेपी के नेता और आरएसएस से जुड़े रहे महेन्द्र सिंह नेगी उर्फ गुरू जी को उनके कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस में शामिल कर लिया है। गुरू जी का रायपुर विधानसभा क्षेत्र से आते हैं। जो कि इस सीट से बीजेपी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं। रायपुर विधानसभा सीट में वर्तमान में कांग्रेस से बीजेपी में गए उमेश शर्मा काउ विधायक हैं। जिनके लिए 2022 विधानसभा चुनाव कांग्रेस नए समीकरण बिठाकर मुश्किलें खड़ी कर रहा है। महेंद्र सिंह नेगी चुनावी साल में कांग्रेस में शामिल हुए हैं, ऐसे में यह माना जा रहा है कि वे कांग्रेस से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।
सत्ता में आते ही भरेंगे सभी पद
दूसरे दलों से कांग्रेस में आए नेताओं का स्वागत करते हुए हरीश रावत ने कहा कि वर्तमान में लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने कहा कि 2024 तक कांग्रेस को सत्ता में वापस लाना है। हरीश रावत ने इस दौरान केन्द्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। राज्य में बेरोजगारी और महिलाओं की योजनाओं को लेकर भी हरीश रावत ने जमकर प्रहार किया। हरीश रावत ने ऐलान किया कि कांग्रेस की सरकार आते ही वे एक साल में खाली पड़े पदों को भरने का काम करेंगे। कांग्रेस ज्वाइन करने पर महेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की विचारधारा स्वराज से सुराज की तरफ ले जाने वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि वे पहली बार किसी लोकतांत्रिक दल में आए हैं।
हिंदुत्व विचारधारा पर हरीश रावत की नजर
महेंद्र सिंह नेगी की छवि हिंदुत्व विचारधारा की छवि वाले नेता की है। जो कि 2017 में भाजपा से बगावत कर चुनाव भी लड़ चुके हैं। वे लंबे समय से संघ से भी जुड़े रहे हैं। ऐसे में महेंद्र सिंह नेगी के कांग्रेस ज्वाइन करने के साथ ही हरीश रावत के हिंदुत्व कार्ड की एक बार फिर से चर्चा शुरू हो गई है। बता दें कि हरीश रावत इस विधानसभा चुनाव में हिंदुत्व के मुद्दों को छूने के साथ ही हिंदु वोटर को भी रिझाने में जुटे हैं। महेंद्र सिंह नेगी को कांग्रेस में लाने और अपनी इमेज को बदलने में जुटे हरीश रावत आरएसएस पृष्ठभूमि के नेता को अपने पाले में लाकर एक नया सदेंश भी दिया है।












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