उत्तराखंड: चमोली में 'फूलों की घाटी' पर्यटकों के लिए खुली, साथ लानी होगी कोरोना निगेटिव रिपोर्ट
देहरादून, जून 30: कोरोना महामारी के बाद पर्यटन के क्षेत्र को भारी नुकसान के दौर से गुजरना पड़ रहा है। हालांकि अब जैसे-जैसे कोरोना के नए मामलों में गिरावट दर्ज की जा रही है। वैसे-वैसे अब कोरोना पाबंदियों को लेकर ढील दी जा रही है। इसी के तहत उत्तराखंड में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयास में तीरथ सरकार ने चमोली जिले में पर्यटकों के लिए 'फूलों की घाटी' खोल दी है।

वहीं घाटी में घूमने आने वाले इच्छुक पर्यटकों को कोरोना की निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट जमा करनी होगी और कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि आज सरकार से प्राप्त गाइडलाइंस के चलते वैली ऑफ फ्लावर को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। कोविड निगेटिव रिपोर्ट के साथ अनुमति होगी। उन्होंने बताया कि इस मौसम में फूलों की 50 प्रजातियां मिली हैं।
बता दें कि फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है और नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के दो मुख्य क्षेत्रों में से एक है। यह चमोली जिले में 87 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है। फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान ऑर्किड, पॉपपी, प्रिमुला, गेंदा, डेजी और एनीमोन जैसे विदेशी फूलों का एक अलौकिक दृश्य प्रस्तुत करता है।
मालूम हो कि तीरथ सिंह सरकार ने अधिक ढील के साथ उत्तराखंड में कोविड कर्फ्यू को 6 जुलाई तक बढ़ा दिया है। मुख्य सचिव ओम प्रकाश के अनुसार कर्फ्यू प्रतिबंध 29 जून की सुबह छह बजे से छह जुलाई की सुबह छह बजे तक लागू रहेगा। हालांकि अभी भी मॉल, सिनेमा हॉल, शिक्षण संस्थान और प्रशिक्षण संस्थान बंद रहेंगे।












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