Silkyara Tunnel:जिस पाइप से बाहर आए थे फंसे 41 मजदूर, उन्हीं से सुरंग के अंदर पहुंची 16 सदस्यीय दल, जानिए वजह
यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में निर्माण कंपनी के कर्मचारी और श्रमिकों का 16 सदस्यीय दल ऑगर मशीन से डाले गए पाइपों से अंदर गया है। बताया जा रहा है कि यह दल सुरंग के अंदर अतिरिक्त सुरक्षा पुख्ता करने के लिए काम करेगा। इसके अलावा मलबे में ड्रिफ्ट तैयार करने के लिए भी सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं। दो से तीन दिन में डिवाटरिंग शुरू होने की उम्मीद है।

41 श्रमिक सुरंग के अंदर फंस गए थे
बता दें कि बीते दिवाली में यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में भूस्खलन हुआ था। जिसमें 41 श्रमिक सुरंग के अंदर फंस गए थे। श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए 17 दिन अभियान चलाया गया। हादसे के बाद से सुरंग के सिलक्यारा वाले छोर से निर्माण कार्य बंद है। 23 जनवरी को केंद्र ने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति दी।
डिवाटरिंग के लिए काम शुरू
फरवरी में यहां पहली बार डिवाटरिंग के लिए काम शुरू किया गया। उस दौरान एसडीआरएफ और इंजीनियरों की टीम भी ऑगर मशीन से डाले गए पाइपों से अंदर गई थी. लेकिन फिर बीच में ये काम बंद कर दिया गया। हाल ही में एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों ने भी सिलक्यारा का दौरा कर सुरंग का जायजा लिया था।
दोबारा डिवाटरिंग की कवायद शुरू
अब डिजाइनर और अथॉरिटी इंजीनियर की देखरेख में सुरंग के सिलक्यारा छोर से दोबारा डिवाटरिंग की कवायद शुरू हो गई है। एनएचआईडीसीएल का दावा है कि डिवाटरिंग के लिए काम जारी है. साइड से ड्रिफ्ट भी बनाया जा रहा है।
2018 में शुरू हुआ था
उत्तराखंड में यमुनोत्री हाइवे पर चार धाम प्रोजेक्ट के तहत ऑल वेदर रोड पर सिलक्यारा-डंडालगांव सुरंग निर्माणाधीन है। सिलक्यारा-डंडालगांव सुरंग का काम साल 2018 में शुरू हुआ था। इसकी डेडलाइन पहले जुलाई 2022 रखी गई थी। दिसंबर 2023 तक भी सुरंग का काम पूरा नहीं हो पाया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सुरंग बनाने वाली नवयुग कंपनी का दावा है मई 2024 से पहले इसे पूरा कर लिया जाएगा।












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