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गोमुख तपोवन ट्रेक को लेकर पर्वतारोही ओर पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह, गंगोत्री नेशनल पार्क में यहां करें दीदार

Uttarkashi Gomukh Tapovan trek गंगोत्री नेशनल पार्क की ओर से गोमुख ट्रैक खोलने के बाद 15 दिनों में एक हजार से अधिक ट्रैकर्स, पर्वतारोही ओर पर्यटक गंगोत्री ग्लेशियर का दीदार कर चुके हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्क प्रशासन उत्साहित नजर आ रहा है।

वहीं पार्क अधिकारियों का कहना है कि भोजबासा में भी ट्रॉली का संचालन शुरू कर दिया है। गोमुख और तपोवन समुद्रतल से करीब चार हजार मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित है। गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट एक अप्रैल को खुल गए थे। लेकिन उसके बाद गोमुख ट्रैक पर करीब आठ विशालकाय ग्लेशियर आने के बाद वहां पर आवाजाही शुरू नहीं हो पाई थी।

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इस पर ट्रैकिंग और पर्वतारोहण से जुड़े लोगों ने नाराजगी व्यक्त की थी। पार्क प्रशासन की ओर से मजदूरों के माध्यम से करीब 25 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक को आवाजाही के लिए सुचारू करवाया। वन विभाग की टीम ने इसका निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी थी।

उसके बाद गंगोत्री नेशनल पार्क की ओर से 28 अप्रैल से गोमुख तपोवन ट्रेक पर आवाजाही शुरू कर दी थी। तब से लेकर 12 मई तक 15 दिनों के भीतर 1097 पर्यटक, पर्वतारोही और ट्रैकर्स गोमुख और तपोवन का दीदार कर चुके हैं।

वहां पर पर्यटक हिमखंडों के साथ दुलर्भ वन्य जीवों का अवलोकन भी कर रहे हैं। कनखू बैरियर चौकी इंचार्ज वन दरोगा राजवीर रावत ने बताया कि अब तक दो पर्वतारोहियों का दल गंगोत्री ग्लेशियर की केदारडोम और सतोपंथ चोटी के आरोहण के लिए गया है। ट्रैकर्स के जाने से पहले पॉलिथीन, सेटेलाइट फोन आदि की सघन जांच की जा रह है। उसके बाद ही पार्क के नियमानुसार उन्हें भेजा जा रहा है।

गंगोत्री नेशनल पार्क में क्या-
गरतांग गली -भारत-तिब्बत के बीच व्यापारिक रिश्तों की गवाह है जो कि भारत-चीन युद्ध 1962 के बाद सुरक्षा कारणों के चलते बंद कर दिया गया था। साल 2021 में सीढ़ीनुमा रास्ते का जीर्णोद्धार कर इसे दोबारा खोला गया।
गोमुख-तपोवन ट्रेक -गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र के प्रमुख ट्रेक में से एक है। करीब 18 से 22 किमी पैदल दूरी वाले इस ट्रेक पर पर्यटक को ग्लेशियर के ऊपर से आवाजाही का भी अनुभव मिलता है। इस ट्रेक पर गंगा नदी का उद्गम गोमुख स्थित है।
नेलांग घाटी- चीन सीमा से लगी नेलांग घाटी भौगोलिक परिस्थितियों में लद्दाख से मिलती जुलती है।
केदारताल ट्रेक -गंगोत्री से शुरू होकर केदारताल झील तक जाने वाला एक चुनौतीपूर्ण ट्रेक है, लेकिन खूबसूरत भी है।
कालिंदी खाल ट्रेक -हिमालय में गंगोत्री से बदरीनाथ तक जाने वाला एक चुनौतीपूर्ण ट्रेकिंग रूट है। इसमें पर्यटक और ट्रेकरों को 5,950 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कालिंदी खाल दर्रे को पार करना होता है।

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