Mulayam Singh Yadav उत्तराखंड से खास कनेक्शन पारिवारिक रिश्ता, लेकिन नहीं बना पाए राजनीतिक जमीनी पकड़
Mulayam Singh:UP से अलग उत्तराखंड में जनाधार नहीं बना पाए
Mulayam Singh Yadav उत्तर प्रदेश के साथ ही देश की सियासत में काफी वजनदार नेताओं में शुमार रहे हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश से अलग हुए उत्तराखंड राज्य में मुलायम सिंह अपना जनाधार नहीं बना पाए। इसके पीछे रामपुर तिराहा कांड को माना जाता है। लेकिन ये बात सही है कि मुलायम सिंह का उत्तराखंड से खास कनेक्शन रहा है।

मुलायम की दोनों पुत्रवधु उत्तराखंड से ही
मुलायम की दोनों पुत्रवधु उत्तराखंड से ही हैं। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश से पृथक होने से पहले उत्तराखंड से वर्ष 1989 में मुख्यमंत्री बनने के बाद मुलायम सिंह ने उत्तरकाशी के विधायक बर्फिया लाल जुवांठा को कैबिनेट मंत्री बनाया था। साथ ही वर्ष 1994 में सपा के गढ़वाल और हरिद्वार से छह विधायक थे।

1994 में सपा के गढ़वाल और हरिद्वार से छह विधायक थे
उत्तराखंड बनने से पहले सपा का प्रदेश में जनाधार रहा लेकिन पहाड़ी राज्य के उत्तर प्रदेश से पृथक होने के बाद सपा उत्तराखंड में एक भी सीट नहीं जीत पाई। यहां तक की सपा का वोट प्रतिशत भी लगातार गिरता रहा। पहले चुनाव में सपा को 8 फीसदी वोट प्रतिशत था, जो 2022 तक 0.2 प्रतिशत ही रह गया। इस तरह सपा का जनाधार उत्तराखंड में लगातार गिरता रहा। वर्ष 1994 में सपा के गढ़वाल और हरिद्वार से छह विधायक थे, इसके अलावा उत्तराखंड क्रांति दल के दो विधायकों का समर्थन सपा सरकार को मिला हुआ था। लेकिन राज्य बनने के बाद उत्तराखंड में सपा को एक सीट पर भी जीत नहीं मिली।

मुलायम सरकार में उत्तराखंड को खास तवज्जो भी मिली
मुलायम सरकार की भले ही उत्तराखंड के पृथक करने को लेकर नकारात्मक छवि मानी जाती रही है। लेकिन ये बात भी सही है कि मुलायम सरकार में उत्तराखंड को खास तवज्जो भी मिली है। उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड पृथक राज्य बना। उत्तर प्रदेश में भी उत्तराखंड का खास वर्चस्व रहा है। मुलायम सरकार ने उत्तराखंड को बर्फिया लाल ज्वांठा के रूप में पहला कैबिनेट मंत्री दिया। इसके साथ ही रमाशंकर कौशिक समिति बनाकर मुलायम सरकार ने अलग राज्य की अवधारणा को आगे बढ़ाया।

मुलायम सरकार के दौरान ही गठित की गई थी कौशिक समिति
उत्तराखंड राज्य के गठन में जिस कौशिक समिति की संस्तुतियों की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है, वह उत्तर प्रदेश की मुलायम सरकार के दौरान ही गठित की गई थी। उनके कार्यकाल में ही उत्तराखंड के लिए पृथक विकास विभाग गठित कर अपर मुख्य सचिव की नियुक्ति की गई। इससे पहले मुलायम सिंह ने वर्ष 1989 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उत्तरकाशी के विधायक बर्फिया लाल जुवांठा को कैबिनेट मंत्री बनाया था।

बड़ी बहू डिंपल मूलरूप से उत्तराखंड की
मुलायम सिंह का राजनीतिक जीवन भले ही उत्तर प्रदेश में ज्यादा रहा हो, लेकिन मुलायम का पारिवारिक रिश्ता उत्तराखंड से ज्यादा रहा है। मुलायम सिंह की बड़ी बहू डिंपल मूलरूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं। उनका जन्म अल्मोड़ा में हुआ था। वह सेवानिवृत्त भारतीय सेना कर्नल आरएस रावत और चम्पा रावत की तीन पुत्रियों में से मंझली पुत्री हैं। मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव मूल रूप से उत्तरकाशी की रहने वाली हैं।

उत्तरकाशी निवासी अरविंद सिंह बिष्ट की बेटी अपर्णा मुलायम की पुत्रवधु
उत्तरकाशी के बरसाली गांव निवासी अरविंद सिंह बिष्ट की बेटी अपर्णा मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की धर्मपत्नी हैं। अरविंद सिंह बिष्ट लंबे समय से लखनऊ में रहते हैं। जबकि उनके चार अन्य भाई उत्तरकाशी में ही रहते हैं। अपर्णा यादव मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना यादव के बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं। अरविंद सिंह बिष्ट सपा सरकार के दौरान सूचना आयुक्त भी रहे हैं।












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