Uttarakhand news: मानसून और अगस्त गुजर रहा भारी, अचानक लैंडस्लाइड से दरक रहे पहाड़, लगातार बढ़ रही मुसीबतें
Uttarakhand news: उत्तराखंड में मानसून और अगस्त का महिना पहाड़ी जिलों पर भारी गुजर रहा है। आए दिन हो रहे लैंडस्लाइड लोगों के लिए मुसीबतें बनी हुई हैं। जिससे पहाड़ों में लाइफलाइन पर भी बुरा असर पड़ रहा है। आए दिन बारिश और भूस्खलन से घंटों हाईवे बाधित हो रहे हैं।
जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। मेडिकल से लेकर इमरजेंसी में जो लोग सफर कर रहे हैं, उनके लिए सड़कों पर पल पल भारी गुजर रहा है। ऐसा ही कुछ नजारा गुरुवार को उत्तरकाशी के नगुण के समीप नजर आया। यहां पहाड़ी से अचानक भारी भूस्खलन हुआ।

जिसके कारण कई घंटे तक गंगोत्री हाईवे आवाजाही के लिए बंद हो गया। जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालांकि दोनों ओर वहां पर मशीनें तैनात थी, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद रात में यातायात को संचालन किया। लेकिन जिस समय लैंडस्लाइड हुआ मानो पूरा पहाड़ की नीचे उतर आया हो।
इसके साथ ही गंगोत्री हाईवे पर डबरानी के समीप भूस्खलन होने के कारण सड़क पर आवाजाही करीब चार घंटे बंद रही। बीआरओ की मशीनरी ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर आवाजाही शुरू करवाई। पहाड़ी से लगातार बोल्डर आ रहे हैं। गंगोत्री हाईवे पर डबरानी पर पहाड़ी से हो रहा भूस्खलन बीआरओ और प्रशासन के लिए लगातार मुसीबत बना हुआ है।
बीते करीब 20 दिन से हरसिल घाटी का मुख्यालय से कनेक्शन कटा हुआ है, जिसे सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है। हर्षिल में तेलगाड में ह्यूमपाईप लगाकर गंगोत्री हाईवे पर आवाजाही शुरू करवाने का प्रयास कर रहे हैं। हर्षिल झील में डूबी सड़क में लगातार मलबा डालकर सड़क खोलने को प्रयास किया जा रहा है।
जिसके लिए कड़ी मशक्कत हो रही है। झील को भी खोलने का काम जारी है। किसानों और स्थानीय लोगों के सामने अब आजीविका और रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। सेब, आलू और सब्जियों के खराब होने का डर सता रहा है। स्थानीय लोगों का पर्यटन के बाद यही एक मात्र रोजगार है। पर्यटन पहले से ही चौपट हो गया है। ऐसे में अब किसानी, खेती बाडी भी प्रभावित हो रही है।
उधर आज चमोली में भारत चीन सीमा से लगे जोशीमठ निति सड़क भलगांव के पास मलबा आने से अवरुद्ध रहा। स्थानीय लोगो का कहना है की सुबह से ही सड़क बंद होने के चलते लोगो को आवाजाही करने परेशानियों का समाना करना पढ़ रहा है। हालांकि प्रशासन की और सड़क से मलबा हटाने का कार्य जारी है।
हर्षिल-धराली आपदा के बाद गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के जलमग्न हुए हिस्से को बहाल करने का कार्य निरन्तर गतिमान है। जलमग्न हुए हिस्से से जल की निकासी को व्यवस्थित कर मार्ग निर्माण कार्य करने के लिए ह्यूम पाइप भी मौके पर पहुंचाएं जा चुके हैं साथ ही मार्ग के दूसरे छोर पर भी एक एस्केलेटर और एक जेसीबी के द्वारा कार्य जारी है। धराली-हर्षिल में अतिवृष्टि के कारण आयी प्राकृतिक आपदा से हर्षिल क्षेत्र में अस्थायी झील बनने तथा कई स्थानों पर सड़क संपर्क मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने से आवाजाही बाधित हो गई थी।
मार्ग बहाली और आवाजाही को सुचारू करने का कार्य निरन्तर युद्ध स्तर किया जा रहा है। लिमच्यागाड , डबरानी और सोनगाड जैसे चुनौतीपूर्ण स्थानों पर क्षतिग्रस्त मार्गों को बहाल करके उत्तरकाशी से हर्षिल तक सड़क संपर्क बहाल किया जा चुका हैं साथ ही विकट परिस्थितिया होने पर भी प्रशासन द्वारा हर्षिल , धराली और आसपास के क्षेत्रों में बिजली, पानी और संचार संपर्क भी बहाल कर दिया गया है।












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