Uttarakhand Tunnel Rescue: वर्टिकल ड्रिलिंग आसान करेगी 41 श्रमिकों के निकासी की राह? 15 मीटर तक ड्रिलिंग पूरी
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में ध्वस्त सिल्कयारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन पिछले 14 दिनों से जारी है। सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए वर्टिकल ड्रिलिंग चल रही है। बचावकर्मी सुरंग में रविवार को कुल 86 मीटर की ड्रिलिंग में 15 मीटर की दूरी तक आगे बढ़ने में कामयाब रहे हैं।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, 15 मीटर की ड्रिलिंग पूरी हो चुकी है और फिलहाल 900 मिमी की पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए दो स्थानों की पहचान की गई थी। आपको बता दें कि बीती 12 नवंबर को निर्माणाधीन सुरंग सिल्क्यारा किनारे पर ढह गई थी।

सुरंग के टॉप पर वर्टिकल ड्रिलिंग
जलविद्युत उत्पादन और पारेषण में शामिल सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एसजेवीएन ने लगातार बचाव प्रयासों के 15वें दिन, पहाड़ी के ऊपर सुरंग के टॉप पर वर्टिकल ड्रिलिंग कार्य शुरू कर दिया है। दूसरे विकल्प के रूप में, फंसे हुए श्रमिकों के लिए बचाव स्थान बनाने के लिए सुरंग के ऊपर दूसरे हिस्से में वर्टिकल ड्रिलिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है। सुरंग के इस हिस्से में बिजली और पानी की सुविधा है। कई एजेंसियां बचाव प्रयासों पर काम कर रही हैं।
15 मीटर की ड्रिलिंग पूरी
राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद कहते हैं कि हम अब उस स्तर पर आ गए हैं, जहां हमने कल से 2-3 और विकल्पों पर काम करना शुरू कर दिया है। हमने एसजेवीएनएल को 1 की वर्टिकल ड्रिलिंग करने के लिए कहा है। हमारे लिए -1.2 मीटर व्यास। हमने उन स्थानों की पहचान की, जहां ड्रिलिंग बेहतर हो सकती है। लगभग 15 मीटर की ड्रिलिंग पूरी हो चुकी है। हमने एक स्थान की पहचान की, जहां हमारा अनुमान है कि कुल 86 मीटर की ड्रिलिंग की जानी है, 15 मीटर हो चुकी है। हमें लगता है कि यह अगले 2 दिनों में पूरा हो जाएगा।
#WATCH | Uttarkashi (Uttarakhand) tunnel rescue | Mahmood Ahmad, the Managing Director of National Highways & Infrastructure Development Corporation Limited (NHIDCL) says, "We have now come to a stage where we started working on 2-3 more options since yesterday. We have told… pic.twitter.com/z7vzlkoVjw
— ANI (@ANI) November 26, 2023
और अधिक ढहने की कोई संभावना...
इस बीच, बचाव कार्य में शामिल अंतरराष्ट्रीय सुरंग विशेषज्ञ अर्नाल्ड डिक्स ने रविवार को कहा कि जिस क्षेत्र में घटना हुई, वहां और अधिक ढहने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि यहां एक असामान्य स्थिति उत्पन्न हो रही हो, जहां चट्टान का वर्ग बदल रहा हो। इसकी जांच की जानी चाहिए। जो क्षेत्र ढहा, वह पहले नहीं गिरा था। इसके बारे में पहले कोई संकेत भी नहीं दिया गया था कि यह ढहने वाला है। इसलिए , यह हमारे लिए चुनौती का एक हिस्सा है।
#WATCH | Uttarkashi (Uttarakhand) tunnel rescue | Vertical drilling underway at the site of the rescue of 41 workers. Eight metres of drilling work complete.
— ANI (@ANI) November 26, 2023
(Video: SJVN) pic.twitter.com/Ybm4lc5vQs
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
पलायन मार्ग के मुद्दे पर राष्ट्रीय राजमार्ग एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद कहते हैं कि हमने भी इस मुद्दे पर सोचा। इस पर एक समिति बनाई गई है और निष्कर्ष सामने आएंगे। आज हमारा पहला लक्ष्य अपने 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना है। वहीं, एनडीएमए के सदस्य, लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने बताया कि उन सभी श्रमिकों को भोजन और दवा मिल रही है। चिकित्सा और मनो-सामाजिक विशेषज्ञ वहां हैं और अपना काम कर रहे हैं। सभी की सुरक्षा के लिए सभी सावधानियां बरती जा रही हैं।












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