उत्तराखंड चमोली हादसा: पूरी तरह बर्बाद हुआ तपोवन बांध,तबाही के बाद की पहली तस्वीर आई सामने
उत्तराखंड चमोली हादसा: पूरी तरह बर्बाद हुआ तपोवन बांध,तबाही के बाद की पहली तस्वीर आई सामने
Uttarakhand Glacier Burst Tapovan Dam: उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में रविवार (07 फरवरी) को नंदादेवी ग्लेशियर के टूटने से धौली गंगा नदी में विकराल बाढ़ आई। इस हादसे में अबतक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। ग्लेशियर फटने से ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे लगभग 170 मजदूर अब भी लापता हैं। ग्लेशियर के टूटने की वजह से इलाके में पावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बीच भारतीय वायुसेना ने तपोवन बांध की तस्वीर जारी की है। वायुसेना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि तपोवन विष्णुगाढ़ हाइड्रो पॉवर प्लांट पूरी तरह से तहस-नहस हो गया है। तस्वीर में भी तबाही के मंजर को देखा जा सकता है।
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तस्वीरों को देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये तबाही कितनी भयानक थी। तपोवन बांध धौलीगंगा और ऋषिगंगा नदी पर बना है। ये डैम राज्य की राजधानी देहरादून से करीब 280 किलोमीटर दूर है। इसके अलाव तपोवन के पास मलारी घाटी की शुरुआत में बने दो पुल भी नष्ट हो चुके हैं। हालांकि राहत की बात ये है कि जोशीमठ और तपोवन के बीच मुख्य सड़क मार्ग पर इस त्रासदी का कोई असर नहीं पड़ा है।

वायु सेना के सूत्रों ने कहा, "नंदादेवी ग्लेशियर के प्रवेश द्वार से लेकर धौलीगंगा और अलकनंदा के साथ नीचे पिपलकोटी और चमोली तक सिर्फ मलबा ही देखने को मिल रहा है। एनटीपीसी ( NTPC) के अधिकारियों ने इस पॉवर प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए कहा, 520 मेगावॉट का तपोवन हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य जारी था। परियोजना का निर्माण लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा था। साइट पर काम कर रहे करीब 170 श्रमिक लापता हैं। उनकी तलाश अभियान जारी है। बचाव और राहत कार्य में भारतीय थलसेना, वायुसेना सहित, NDRF, SDRF, ITBP के जवान जुटे हैं। हालांकि सुरंग में फंसे 16 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है।












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