उत्तराखंड में गरमाया चारा पत्ती विवाद, पहाड़ से लेकर मैदान तक हुआ विरोध, सीएम धामी ने कमिश्नर से मांगी रिपोर्ट

चमोली के हेलंग क्षेत्र में महिलाओं के साथ चारा पत्ती विवाद

देहरादून, 22 जुलाई। उत्तराखंड के चमोली हेलंग क्षेत्र में ग्रामीण महिलाओं के साथ हुए चारा पत्ती विवाद का मामला गरमाता जा रहा है। वायरल वीडियो को लेकर पहाड़ से मैदान तक जमकर विरोध हुआ। इसके बाद जिलास्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक अधिकारी अलर्ट हुए। मामले ने तूल पकड़ा तो जमकर राजनीति भी हुई। अब मामला सीएम दरबार तक पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ क्षेत्र में ग्रामीण महिलाओं द्वारा वन से चारापत्ती लाने को लेकर हुए विवाद से संबंधित घटना का संज्ञान लेते हुए कमिश्नर गढ़वाल को तुरंत जांच के आदेश दिए हैं।

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गढ़वाल आयुक्त करेंगे जांच
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीमांत जिले चमोली के हेलंग में ग्रामीण महिलाओं से चारा पत्ती छीनने व उनका चालान करने संबंधी विवाद का संज्ञान लिया है। उन्होंने गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार को विवाद की जांच करने के निर्देश दिए हैं। मामला 15 जुलाई का बताया जा रहा है, आरोप है कि चमोली के हेलंग में पशुओं के लिए चारा लेकर घर जा रही महिला के साथ पुलिस और सीआईएसएफ के जवानों की ओर से बदसलूकी की गई। जिसका वीडियो वायरल हो गया। इतना ही नहीं चारापत्ती लेकर आ रही तीन महिलाओं को पुलिस ने छह घंटे तक अपने कब्जे में रखा। इस दौरान उन्हें पुलिस वाहन और थाने में बिठाकर रखा गया। और 250 रुपये का चालान कर छोड़ा।

वायरल वीडियो को लेकर जमकर हो रहा विरोध
सोशल मीडिया पर मामला वायरल हुआ तो पहाड़ से लेकर मैदान तक इस पूरी घटना पर एक बहस शुरू हो गई। उत्तराखंड महिला मंच ने जमकर इसका विरोध किया। इतना ही नहीं आरोप लगाया कि विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना के तहत हेलंग में सुरंग बनाने का कार्य कर रही कम्पनी द्वारा खेल मैदान बनाने के नाम पर जहां डम्पिंग ज़ोन बनाया जा रहा है, वह लोगों के पास चारागाह का अंतिम विकल्प बच गया है, वहां लोगों ने वृक्षारोपण कर इस भूमि को हरा भरा बनाया था।। डम्पिंग ज़ोन के नाम पर वहां हरे पेड़ काट दिए गए व चारागाह के इस अंतिम विकल्प को भी खत्म किया जा रहा है, जबकि कम्पनी के पास मलबा डम्पिंग के लिए विकल्प उपलब्ध हैं।

महिला आयोग ने भी इस प्रकरण का संज्ञान लिया

सोशल मीडिया में आने के बाद जमकर राजनीति भी हुई। निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर प्रकरण की जांच की मांग की। महिला कांग्रेस ने देहरादून में घास की गटरी लेकर पहाड़ी वेश भूषा में डीएम कार्यालय में विरोध किया। महिला आयोग ने भी इस प्रकरण का संज्ञान लिया। महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने डीएम चमोली को निर्देश दिए कि वे पूरे मामले की जांच करें और पीड़ितों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका पक्ष जानें। डीएम हिमांशु खुराना ने मामले की सत्यता के लिए हेलंग गांव में अधिकारियों की टीम भेजी और टीम ने ग्रामीणों से इस संबंध में वार्ता की। डंपिंग जोन से चारा-पत्ती लेकर आ रही महिलाओं को रोकने और छह घंटे तक पुलिस वाहन और थाने में बिठाने के बाद चालान करने के बाद छोड़ने के का मामला वन मंत्री सुबोध उनियाल तक भी पहुंचा, उन्होंने भी अपने विभागीय स्तर से जांच रिपोर्ट मांगी है। पहाड़ से लेकर मैदान तक पूरे मामले का विरोध हुआ तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला प्रशासन से तत्काल रिपोर्ट तलब की। गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।\

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