उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर सस्पेंस खत्म,जल्द जारी होगी अधिसूचना,जानिए कब हो सकते हैं चुनाव
Uttarakhand nikay chunav: उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है। 10 दिसंबर को नगर निकायों के ओबीसी आरक्षण अध्यादेश को राजभवन से मंजूरी मिलते ही शासन ने चुनाव को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी है। इस संबंध में उप सचिव प्रदीप कुमार शुक्ल ने पत्र जारी कर दिया है।
उत्तराखंड शासन ने उत्तराखण्ड नगरपालिका/नगर पंचायत (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) नियमावली, 2024 और उत्तराखण्ड नगर निगम (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) नियमावली, 2024 को जारी कर दिया है।

नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना दिसंबर महीने के अंत तक जारी होने की संभावना है। ऐसे में जनवरी में चुनाव होना तय है। शासन ने नगर निकायों के आरक्षण की नियमावली जारी कर शहरी विकास निदेशालय को भेज दिया हैं। शहरी विकास विभाग को भेजे गए पत्र के अनुसार, स्थानीय नगर निकाय सामान्य निर्वाचन-2024 के संबंध में नगर पंचायतों/ नगर पालिकाओं/ नगर निगमों में स्थानों और पदों का आरक्षण तय किए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर जल्द से जल्द शासन को उपलब्ध कराया जाए, ताकि आगे की कार्यवाही की जा सके।
उत्तराखंड में नगर निकायों की संख्या 105 है, जिनमें से बदरीनाथ, केदारनाथ व गंगोत्री में चुनाव नहीं होते। शेष 102 निकायों में चुनाव के दृष्टिगत परिसीमन, निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण और मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कार्य हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार निकायों में ओबीसी के लिए आरक्षण का नए सिरे से निर्धारण होना है।
इस संबंध में गठित एकल समर्पित आयोग अपनी रिपोर्ट भी शासन को सौंप चुका है। ओबीसी आरक्षण निर्धारण के सिलसिले में पूर्व में सरकार ने अध्यादेश के जरिये निकाय अधिनियम में संशोधन किया था। इस मामले पर राजभवन से भी मंजूरी मिलने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
उत्तराखंड शासन द्वारा जारी उत्तराखण्ड नगरपालिका/नगर पंचायत (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) नियमावली, 2024 और उत्तराखण्ड नगर निगम (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) नियमावली, 2024 के अनुसार आरक्षण किया जाएगा।
आरक्षण की सूची तैयार होने के बाद फिर जनता से आपत्तियां मांगी जाएंगी। ऐसे में नगर निकायों को लेकर तय आरक्षण पर मिली आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। फाइनल आरक्षण सूची तैयार होने के बाद आरक्षण को राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। जिसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।












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