Uttarakhand news: कहर बनकर बरसी बारिश,भूस्खलन की चपेट में आया गांव कराया गया खाली, ये हैं हालात
उत्तराखंड में भारी बारिश एक बार फिर कहर बनकर आई है। टिहरी गढ़वाल में भूस्खलन की चपेट में आने से तिनगढ़ गांव को खाली करवा दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भारी मलबा आ जाने से दर्जनभर गांव इसकी चपेट में आ गए है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी को प्रभावितों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

टिहरी जिले के बूढ़ाकेदार में बीते दो दिनों से बारिश के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त है। तोलीगांव के सामने तीनगढ़ गांव के ऊपर पहाड़ी गिरकर नीचे आ गया। भारी भूस्खलन से पूरा गांव खतरे की जद में है। जिला प्रशासन ने खतरे को भांपते हुए तिनगढ़ गांव को खाली करवा दिया है।
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तोलीगांव में सुबह मलबा घुसने से दो लोगों की मौत हो गई थी।घनसाली के ग्राम तौली में देर रात करीब 1:30 बजे एक मकान के भूस्खलन की चपेट में आने की सूचना मिली। मकान में महिला सरिता देवी और उसकी बेटी अंकिता (15) के दबने से मौत हो गई। सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन और एसडीआरएफ, पीडब्ल्यूडी, नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर रवाना हुई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
टिहरी में बीते दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। भारी बारिश से बालगंगा नदी रौद्र रूप में बह रही है।। तिनगढ़ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी मलबे की चपेट में आ गया। बूढ़ा केदार- कोट विशन मोटरमार्ग का काफी हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है।
स्थानीय विधायक और जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर आपदाग्रस्त इलाके का निरीक्षण किया। क्षेत्रीय विधायक शक्ति लाल शाह ने ग्रामीणों के तोली और तिनगढ़ के विस्थापन की मांग की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी गढ़वाल के भिलंगना विकासखंड के बाल गंगा एवं बूढ़ा केदार में हुई भारी बारिश और भूस्खलन के संबंध में विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह एवं जिला अधिकारी टिहरी गढ़वाल मयूर दीक्षित से राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने ज़िलाधिकारी टिहरी को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र के संवेदनशील गाँवों को तत्काल चिन्हित कर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।












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