Uttarakhand news: हरीश रावत ने सरकार को घेरा, महंगाई को बताया राक्षस, पुल टूटने के पीछे खनन का बताया हाथ

उत्‍तराखंड में कांग्रेस की और से हरीश रावत ने संभाला मोर्चा, बीजेपी को जमकर घेरा

देहरादून, 28 अगस्त। चुनावी साल में कांग्रेस बेरोजगारी, भ्रष्टाचार के अलावा महंगाई पर भी जमकर सरकार को घेरने का काम कर रही है। कांग्रेस की तरफ से सोशल मीडिया पर मोर्चा संभाले हरीश रावत लगातार चुनावी मुद्दों पर फोकस कर अपनी बेबाक राय रखने में जुटे हैं। हरीश रावत ने महंगाई को डायन से भी खतरनाक राक्षस बताया है। इसके अलावा बीजेपी शासन में लगातार धराशायी हो रहे पुलों पर भी जमकर सरकार को घेरा है।

Uttarakhand news: Harish Rawat surrounded the government, told inflation as a monster, told the hand of mining behind the bridge collapse

चुनावी साल में महंगाई पर जमकर राजनीति
महंगाई को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रही है। विधानसभा सत्र के दौरान सदन में महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेसी विधायकों ने जमकर हंगामा ​भी किया। इसके साथ ही सदन आने के लिए साइकिल का इस्तेमाल कर पेट्रोल डीजल के दामों और महंगाई से हो रही जनता की मुश्किलों को लेकर भी विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा यूथ कांग्रेस की और से आयोजित विधानसभा कूच में भी महंगाई का मुद्दा भी छाया रहा।

डायन बन गई राक्षस
इसी विरोध के बाद कांग्रेस नेता हरीश रावत ने भी सोशल मीडिया पर महंगाई को लेकर अपनी राय रखी। हरीश रावत ने तंज कसते हुए कहा कि जब कभी खाने के पदार्थों में एक-दो चीज के दाम बढ़ते थे तो हैडलाइन बनती थी, महंगाई डायन ने मार डाला। लेकिन आज महंगाई केवल डायन ही नहीं भूत-प्रेत, राक्षस के रूप में हर घर को तबाह कर रहे हैं। उन्होंने आगे लिखा कि गैस के दाम आसमान पर हैं, पेट्रोल और डीजल की कीमतें सौ के पार, खाने के तेल के दाम ढाई गुना बढ़ गये हैं। इसके साथ ही दालों के दाम आसमान पर हैं। हरीश रावत ने कहा कि कोई चीज ऐसी नहीं है जो आम व्यक्ति के उपभोग की हो, जिसके दाम आसमान न चड़ रहे हों और निरंतर बढ़ रहे हैं। साफ है कि चुनावी साल में कांग्रेस महंगाई के मुद्दे को छोड़ने के मूड में नहीं है।

भाजपा राज में खनन का बोलबाला
बीजेपी सरकार के लिए चुनावी साल में टूटते पुल भी मुश्किलें खड़ी कर रहा है। जिससे विपक्ष को एक नया चुनावी मुद्दा भी मिल गया है। बीते रोज देहरादून को जोड़ने वाले रानीपोखरी पुल में हुए हादसे पर कांग्रेस जमकर निशाना साध रही है। कांग्रेस के नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत ने सोशल मीडिया के जरिए पुलों के टूटने के पीछे खनन के कारोबार का होना माना है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राज में खनन का बोलबाला है। हरीश रावत ने कहा कि उन्हें लगता है कि ये पुल खनन के कारण टूटे हैं। उन्होंने मांग की कि इसकी जांच बाहरी एजेंसी से कराई जाए। जो कि उत्तर प्रदेश से बाहर की एजेंसी हो उससे जांच करवाई जाए। ताकि एक बार यह तो पता चले कि टूटने का कारण क्या है।

हरीश रावत की प्रतिक्रिया-

रानीपोखरी का पुराना पुल जो काफी मजबूत दिखाई देता था, टूट गया। टूटने के दो ही कारण हो सकते हैं, एक उसके चारों तरफ हो रहा अवैध खनन और दूसरा यह हो सकता है कि उसकी सेफ्टी ऑडिट न हुआ हो और पुल कमजोर हो गया हो। लेकिन जहां तक मुझे लगता है, ये पुल खनन के कारण टूटे हैं। इसी तरीके से एक पुल पहले गौला में भी टूटा था और भी बहुत सारे जगह जो पुलों को क्षति हुई है, ज्यादातर मामलों में मामला पुल क्षेत्र में हो रहे खनन का सामने आया है और यहां भी जिस तरीके से भाजपा राज में खनन का बोलबाला हो रहा है, यह उसकी एक बानगी लगती है। इंजीनियर्स की जांच केवल आईवॉस न हो, इसलिये आवश्यक है कि किसी बाहरी एजेंसी से, जो उत्तर प्रदेश से बाहर की एजेंसी हो उससे जांच करवाई जाए ताकि एक बार यह तो पता चले कि टूटने का कारण क्या है! यदि खनन इसका कारण निकलता है, तो फिर एक बार जितने खनन पट्टे पुलों के नजदीक दिये गये हैं, उन पर पुनर्विचार करना आवश्यक है।

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