Uttarakhand News: नए साल से बाहर के वाहनों से वसूला जाएगा ग्रीन सेस, जानिए कैसे और कितना, किसको मिलेगी छूट
Uttarakhand News उत्तराखंड में नए साल से बाहर के वाहनों से ग्रीन सेस वसूला जाएगा। प्रदेश से बाहर के वाहनों से ग्रीन सेस लेने की कार्यवाही में लेटलतीफी पर मुख्यमंत्री धामी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने परिवहन विभाग को ग्रीन सेस की वसूली जल्द शुरू करने के निर्देश दिये।
उत्तराखंड में सरकार जल्द से जल्द राज्य में बाहर से आने वाले निजी वाहनों पर 'ग्रीन सेस' व्यवस्था लागू करने जा रही है। अब तक उत्तराखंड में दूसरे राज्यों से आने वाले केवल वाणिज्यिक वाहनों से ही ग्रीन सेस वसूला जा रहा था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत निजी वाहन भी इसके दायरे में आएंगे।

परिवहन विभाग ने इस प्रणाली के संचालन के लिए एक निजी एजेंसी के साथ समझौता किया है। इसमें कुछ वाहनों को छूट और कुछ स्कीम भी तय की गई है। साथ ही आटोमेटिक खाते से फीस कटने की भी सुविधा रहेगी।
- राज्य की सीमाओं पर लगाए गए 15 ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों के जरिए बाहर से आने वाले वाहनों की पहचान की जाएगी।
- इसके बाद टोल टैक्स की तर्ज पर ग्रीन सेस की राशि वाहन में लगे FASTag (फास्टैग) खाते से कट जाएगी।
- यह सेस 24 घंटे के लिए मान्य होगा।
- ग्रीन सेस से कुछ श्रेणियों के वाहनों को छूट देने का प्रस्ताव रखा है।
- इसमें दोपहिया और तिपहिया वाहन, इलेक्ट्रिक और सीएनजी से चलने वाले वाहन शामिल हैं।
- सरकारी वाहन, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस सेवाओं को भी इस सेस से मुक्त रखा जाएगा।
- लाइट मोटर व्हीकल्स, जैसे कार और हल्के मालवाहक वाहनों से 80 रुपये का ग्रीन सेस लिया जाएगा।
- 12 से अधिक सीटों वाली बसों पर 140 रुपये और सात एक्सल वाले भारी वाहनों पर 700 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह शुल्क 24 घंटे के लिए वैध होगा।
- बार-बार आने वाले वाहनों की सुविधा के लिए विभाग ने पास सिस्टम भी तैयार किया है।
- अगर कोई वाहन 20 दिनों के सेस के बराबर एकमुश्त राशि जमा करता है तो उसे तीन महीने के लिए वैध पास मिलेगा।
- 60 दिनों के सेस के बराबर भुगतान करने पर पूरे एक साल के लिए ग्रीन सेस से छूट दी जाएगी।












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