Uttarakhand news: वोट चोरी, आपदा और कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल, भाजपा बोली- फ्लॉप शो
Uttarakhand news: उत्तराखंड में कानून व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार और त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों में धांधली के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने राजभवन कूच किया। इस दौरान पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत का नया जोश नजर आया।
वोट चोर गद्दी छोड़ो, गुंडागर्दी की सरकार नहीं चलेगी नारे लगाते हुए कांग्रेस का जुलूस राजपुर रोड से बहल चौक, दिलाराम बाजार होते हुए कैंट रोड पहुंचा। जहां पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग की हुई थी। यहां कांग्रेसियों की पुलिस के साथ जमकर धक्का मुक्की हुई।

प्रदर्शनकारियों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, समेत कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता जुलूस के रूप में कांग्रेस मुख्यालय से राजभवन की ओर निकले। हाथीबड़कला पुलिस चौकी के पास बैरिकेडिंग पर पुलिस-प्रशासन ने रोकने की कोशिश की, जिस पर कांग्रेसी भड़क गए और करन माहरा समेत कई नेता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए।
इस बीच कांग्रेसियों ने सड़क पर बैठकर धरना दिया। बाद में प्रशासन और पुलिस की टीम ने लगभग डेढ़ सौ नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले गया और बाद में सभी को रिहा कर दिया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं का बोलबाला है, भाजपा नेताओं की संलिप्तता से महिलाओं पर हमले और बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं। पंचायत चुनावों में भाजपा ने आयोग के साथ मिलकर वोटों की डकैती की। कहा कि आपदा प्रबंधन पूरी तरह फेल साबित हुआ और भाजपा नेता आपसी खींचतान में लगे हुए हैं।
उधर भाजपा ने भाजपा ने कांग्रेसी प्रदर्शन को फ्लॉप बताते हुए कहा, उनके नेता जनहित के मुद्दों पर सदन में सोते हैं और प्रदेश अध्यक्ष बनने की होड़ में सड़कों पर उतरते हैं। भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस प्रदर्शन को लगातार जनता द्वारा नकारे जाने की विपक्षी छटफ़टाहट बताया। कहा, दरअसल विकास की उपलब्धियां, ऐतिहासक फैसले, मुख्यमंत्री की जन नेता की छवि को पचाना उनके लिए संभव नहीं है।
विभिन्न बिंदुओं पर राजभवन घेराव को लेकर मीडिया के सवालों का ज़बाब देते हुए उन्होंने कहा, इस मुद्दोंविहीन और विचारहीन प्रदर्शन को जनता ने भी जीरो नंबर दिए हैं, क्योंकि नेताओं के जमघट से आम लोग पूरी तरह नदारद रहे। ये वोट चोरी, आपदा और कानून व्यवस्था का झूठा आरोप लगाकर भ्रम फैलाने की असफल कोशिश से अधिक कुछ नहीं था। वहीं आपदा पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय उनके नेताओं को सदन में सोते हुए प्रदेशवासियों ने देखा है।
उन्होंने कहा, अपराधीयुक्त सरकार चलाने वाली कांग्रेस पार्टी को कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार ही नहीं है। हमारी सरकार की जवाबदेही जनता के प्रति है और प्रदेश में अपराध को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर कड़ाई से अमल हो रहा है। प्रदेश में छोटा हो या बड़ा, अब तक कोई भी प्रकरण ऐसा नहीं है जिसमें कठोरतम कार्रवाई नहीं की गई हो। आरोपी बड़े से बड़ा क्यों ना हो, या तो उसे सजा हुई या फिर वह सलाखों के पीछे है। उन्होंने पलट कर कांग्रेस से ही सवाल किया कि वे बताएं कौन से अपराध पर कार्रवाई नहीं हुई।












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