Uttarakhand news: हल्द्वानी पहुंचे मुख्य सचिव और डीजीपी, बताया क्या है आगे का प्लान, एनएसए के तहत होगा एक्शन

हल्द्वानी में हुए बवाल के बाद अब उत्तराखंड पुलिस और महकमा पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। इस बीच देहरादून से मुख्य सचिव राधा रतूडी और डीजीपी अभिनव कुमार भी हल्द्वानी पहुंचे उन्होंने अस्पताल, थाने और घटनास्थल का जायजा लिया।

Uttarakhand news Chief Secretary radha raturi DGP abhinav kumar reached Haldwani action taken NSA.

डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा कि पुलिस अब आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लेगी साथ ही एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि 24 घंटे में स्थिति को कंट्रोल में जाकर सामान्य जन जीवन करने की कोशिश की जाएगी।

गुरूवार को हल्द्वानी में हुई पत्थरबाजी, आगजनी की घटनाओं के बाद शुक्रवार को उत्तराखंड पुलिए एक्शन में है। उत्तराखण्ड पुलिस दंगाइयों और पत्थरबाजों की पहचान मौके से उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कर रही है। पुलिस की त्वरित एक्शन की वजह से फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। एहतियातन चप्पे चप्पे पर पुलिस की तैनाती करके स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।

आज सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उपद्रवियों और दंगाइयों को सलाखों के पीछे तुरंत भेजा जाए। गुरुवार शाम हुई हिंसा और आगजनी के दूसरे दिन आज मुख्य सचिव राधा रतूड़ी और डीजीपी अभिनव कुमार ने दंगाग्रस्त क्षेत्र बनभूलपुरा का दौरा किया।

उन्होंने बनभूलपुरा थाने जाकर स्थिति का जायजा लेते हुए दोषि यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा कि पुलिस अब दंगाइयों को चिह्रित कर रही है। ऐसे लोगों पर एनएसए के तहत कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कोशिश की जा रही है कि 24 घंटे में स्थिति सामान्य हो जाए और आमजन जीवन सामान्य किया जा सके।

क्या है नेशनल सिक्योरिटी एक्ट

एक ऐसा कानून है जिसमें यह प्रावधान किया गया है कि यदि किसी व्यक्ति से कोई खास खतरा सामने आता है तो उस व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है यदि सरकार को लगता है कि कोई व्यक्ति देश के लिए खतरा है तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता है। 1980 में देश की सुरक्षा के लिहाज से सरकार को ज्यादा शक्ति देने के उद्देश्य से बनाया गया था। यदि लगे कि किसी को देशहित में गिरफ्तार करने के की आवश्यकता है तो उसे गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के अनुसार संदिग्ध व्यक्ति को 3 महीने के लिए बिना जमानत के हिरासत में रखा जा सकता है और इसकी अवधि बढ़ाई भी जा सकती है। इसके साथ ही हिरासत में रखने के लिए आरोप तय करने की भी जरूरत नहीं होती और हिरासत की समयावधि को 12 महीने तक किया जा सकता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+