नवरात्र स्पेशल:हरिद्वार में माता के शक्तिपीठ, मनसा देवी, चंडी देवी, माया देवी, जहां होती है भक्तों की मनोकामना
हरिद्वार में मनसा देवी, चंडी देवी, माया देवी मंदिर शक्तिपीठ
देहरादून, 4 अक्टूबर। हरिद्वार हिंदूओं के लिए सबसे पवित्र स्थलों में से प्रमुख शहर है, जहां देवी-देवताओं के कई मंदिर है। खासकर नवरात्र में यहां भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। यहां माता के कई मंदिर हैं। जहां भक्त अपनी मन्नतें लेकर आते हैं। हरिद्वार में कई शक्तिपीठ हैं। जिनमें मनसा देवी, चंडी देवी, माया देवी समेत कई शक्तिपीठ हैं।

चंडी मंदिर
गंगा के पूर्वी तट पर स्थित नील पर्वत के ऊपर चंडी मंदिर स्थित है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए पैदल मार्ग से 4 किमी की चढ़ाई चढ़ सकते हैं। यहां रोपवे द्वारा भी पहुंच सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि शुंभ एवं निशुंभ असुरों का वध करने के पश्चात देवी ने नील पर्वत पर विश्राम किया था। नील पर्वत की दोनों चोटियों को इन दो असुरों के नाम से जाना जाता है।
मानसा देवी
गंगा के उस पार, इस मंदिर के ठीक समक्ष स्थित बिल्व पर्वत के ऊपर मानसा देवी मंदिर है। हरिद्वार के पश्चिमी ओर स्थित बिल्व पर्वत पर यह मनसा देवी मंदिर स्थित है। यहां पर भी पैदल मार्ग से 3 किमी चढ़ते हुए पहुंच सकते हैं अथवा रोपवे की सुविधा ले सकते हैं। मनसा देवी सौम्य देवी हैं जो भक्तों की इच्छा पूर्ण करती हैं। ऐसी मान्यता है कि उनका जन्म भगवान शिव के मस्तक से हुआ था। इसीलिए उन्हे भगवान शिव की मानस पुत्री भी कहा जाता है।
माया देवी
हरिद्वार में माया देवी मंदिर सती के अवतार देवी माया को समर्पित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी सती की नाभि और हृदय यहां मंदिर में गिरा था। मंदिर में देवी माया, देवी काली और देवी कामाख्या की मूर्तियां स्थापित हैं। नवरात्रि और कुंभ मेले के दौरान बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में आते हैं।
सुरेश्वरी मंदिर
देवी दुर्गा का यह मंदिर हरिद्वार में राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के शांत जगंलो में स्थित है। सुरेश्वरी मंदिर हरिद्वार में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर देवी दुर्गा और देवी भगवती को समर्पित है। हरिद्वार से सात किमी की दूरी पर रानीपुर के घने जंगलो में सिध्पीठ माँ सुरेश्वरी देवी सूरकूट पर्वत पर स्थित है। मंदिर का बड़ा ही पौराणिक महत्व है। यह मंदिर देवी दुर्गा और देवी भगवती को समर्पित है । इस मंदिर को सिध्पीठ के रूप में भी माना जाता है। हरिद्वार से सात किमी की दुरी पर रानीपुर के घने जंगलो में सिध्पीठ माँ सुरेश्वरी देवी सूरकूट पर्वत पर स्थित है। कहा जाता है कि माँ सुरेश्वरी के दर्शन करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। यह भी मान्यता है कि माँ सुरेश्वरी देवी के दर्शन से चर्म रोगी एवम् कुष्ठ रोगी निरोगी हो जाते है। नवरात्रि में अष्टमी ए नवमी और चतुर्दशी के दिन माँ के दर्शन का विशेष महत्व है ए कहा जाता है कि इस दिन देवता भी माँ भगवती के दर्शन करने के लिए आते है।
-
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट? -
Hormuz Crisis: ईरान के खिलाफ 20 मजबूत देशों ने खोला मोर्चा, दे दी बड़ी चेतावनी, अब क्या करेंगे मोजतबा खामेनेई -
बिना दर्शकों के खेला जाएगा PSL, मोहसिन नकवी ने की 2 शहरों में आयोजन की घोषणा, किस वजह से लिया यह फैसला? -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी के भाव ने फिर चौंकाया, चढ़ा या गिरा? जानें यहां -
Donald Trump PC Highlights: '48 घंटे के अंदर खोलो Hormuz वरना तबाह कर दूंगा', ट्रंप ने दी ईरान को धमकी -
विराट ने मांगा प्राइवेट जेट? क्या RCB के हर मैच के बाद जाएंगे वापस लंदन? खुद सामने आकर किया बड़ा खुलासा -
Rupali Chakankar कौन हैं? दुष्कर्म के आरोपी ज्योतिषी के कहने पर काट ली थी उंगली! संभाल रहीं थीं महिला आयोग -
Ram Navami 2026 kab hai: 26 या 27 मार्च, राम नवमी कब है? जानें सही तिथि












Click it and Unblock the Notifications