उत्तराखंड: साल 2019 के लोकसभा चुनाव की तुलना में जीत का अंतर हुआ कम, जानिए भाजपा ने क्या बताई वजह
उत्तराखंड में भाजपा ने एक बार फिर सभी पांचों सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा ने विधानसभा चुनावों से बेहतर प्रदर्शन किया।
लेकिन 2019 के लोकसभा की चुनाव में हार का अंतर अल्मोड़ा छोड़कर सभी सीटों पर कम हुआ है। जिसकी वजह भाजपा ने कम वोटिंग परसेंट और दो जगह हरिद्वार व गढ़वाल में नए प्रत्याशी का होना बताया है।

भाजपा का कहना है कि कम मतदान के बावजूद, राज्य की 5 लोकसभा सीटों पर इस बार भाजपा को मिली जीत का अंतर 2019 के मुकाबले लगभग बराबर है। इस बार विपक्ष से हमे कुल 11,68,697 मत अधिक मिले हैं, जबकि पिछली बार भी भाजपा को लगभग उतने ही 12,69,770 मत अधिक हासिल हुए थे।
2 लोकसभा सीटों पर भाजपा को पिछले चुनाव के लगभग बराबर ही वोटों के अंतर से जीत हासिल हुई है। टिहरी में भाजपा लगभग 3,00,586 के मुकाबले इस बार, 2,72,493 वोटों के अंतर से जीते हैं और नैनीताल में विगत वर्ष के 3,39,996 के मुकाबले इस बार भी 3,34,548 मतों के अंतर से जीते हैं।
अल्मोड़ा सीट पर तो अजय टम्टा पिछले चुनाव में हासिल 232936 मतों के मुकाबले इस बार 2,44,097 मतों के अंतर से विजयी हुए हैं। गढ़वाल एवं हरिद्वार लोकसभा में हमारी जीत का अंतर कुछ कम हुआ है लेकिन वह भी दोनों जगह डेढ़ लाख से ऊपर है।
भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि दोनों स्थानों पर हमारे उम्मीदवार नए थे, तब भी डेढ़ लाख से ज्यादा वोटों से जीते हैं। टिहरी सांसद महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह चौथी बार अल्मोड़ा से अजय टम्टा तीसरी बार एवं नैनीताल से अजय भट्ट दूसरी बार जनता की उम्मीद पर खरे उतरे हैं।
वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनावों के मुकाबले इस बार के लोकसभा चुनाव में भाजपा 70 में से कुल 60 विधानसभा में आगे रही है, जो पिछली 47 सीटों के मुकाबले 13 अधिक है। दो लोकसभा पौड़ी एवं अल्मोड़ा की सभी 14 विधानसभा में भाजपा आगे रही है।
नैनीताल लोकसभा सीट में भाजपा मात्र 1 विधानसभा में पीछे रही, टिहरी लोकसभा सीट पर 11 विधानसभा में जीत दर्ज की है और एक ही सीट को हारी है अन्य दो एक निर्दलीय एवं कांग्रेस की ही रही है। हरिद्वार में भी 2022 के प्रदर्शन को बेहतर करते हुए भाजपा ने 14 में से 8 विधानसभा सीट पर बढ़त बनाई है।












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