आजादी स्पेशल: यहां 14 दिन तक रूके थे बापू, खूबसूरत वादियों को देखकर इसे कहा था भारत का स्विट्जरलैंड

आजादी की लड़ाई के दौरान बापू 14 दिन तक कौसानी प्रवास पर रहे

देहरादून, 13 अगस्त। महात्मा गांधी जब आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे, उस दौरान वर्ष 1929 में भारत भ्रमण के बाद महात्मा गांधी ने थकान मिटाने के लिए पहाड़ों की सैर करने आए। तब महात्मा गांधी 14 दिन तक कौसानी प्रवास पर रहे। यहां की प्राकृतिक सुंदरता को देखकर बापू इन वादियों को बहुत पंसद करने लगे। इसी वजह से बापू ने कौसानी को भारत का स्विट्जरलैंड कहा। बताया जाता है कि बापू यहां सिर्फ दो दिन के लिए आए थे पर पूरे 14 दिन रहकर गए।

पर्यटक स्थल कौसानी, यहीं पर बैठकर पुस्तक अनासक्ति योग की प्रस्तावना लिखी

पर्यटक स्थल कौसानी, यहीं पर बैठकर पुस्तक अनासक्ति योग की प्रस्तावना लिखी

बागेश्वर जिले के अंर्तगत आने वाला छोटा मगर सबसे सुंदर पर्यटक स्थल कौसानी इतिहास के पन्नों में भी दर्ज है। जितना सुंदर यह पर्यटक स्थल है, उसी तरह की यादें भी यहां से बापू की जुड़ी हुई है। हिमालय पर्वत की श्रृंखलाओं और पहाड़ की वादियों से प्रेरित होकर बापू ने यहीं पर बैठकर अपनी पुस्तक अनासक्ति योग की प्रस्तावना लिखी। गांधी जहां रुके थे, आजादी के बाद उस स्थान को डाक बंगले में बदल दिया गया। वर्ष 1966 में सुचेता कृपलानी जब उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं तो उन्होंने इस स्थान को गांधी स्मारक निधि को सौंप दिया। इसके बाद इसे आश्रम बनाया गया।

अनासक्ति आश्रम में महात्मा गांधी के जीवन काल से जुड़ी 150 दुर्लभ तस्वीरें

अनासक्ति आश्रम में महात्मा गांधी के जीवन काल से जुड़ी 150 दुर्लभ तस्वीरें

इसका नामकरण बापू की पुस्तक अनासक्ति योग के आधार पर अनासक्ति आश्रम रखा। आश्रम में हर वर्ष देश और विदेश के सैलानी आते हैं। अनासक्ति आश्रम में महात्मा गांधी के जीवन काल से जुड़ी 150 दुर्लभ तस्वीरें हैं। इन चित्रों में 1887 से 1891 के दौरान इंग्लैंड में बैरिस्टर की पढ़ाई के दौरान से लेकर उनकी अस्थियों के विसर्जन तक की यादें जुड़ी हैं। आश्रम में महात्मा गांधी और उनकी धर्मपत्नी कस्तूरबा गांधी की एक तस्वीर भी मौजूद है। अनासक्ति आश्रम में महात्मा गांधी की वंशावली के बारे में भी जानकारी मौजूद है। जिसकी सहायता से लोगों को बापू की कई पीढ़ियों की जानकारी मिलती है।

महात्मा गांधी ने कौसानी से पूरे कुमाऊं में आजादी की अलख जगाई

महात्मा गांधी ने कौसानी से पूरे कुमाऊं में आजादी की अलख जगाई

महात्मा गांधी ने कौसानी से पूरे कुमाऊं में आजादी की अलख जगाई
स्वतंत्रता आंदोलन को गति देने के लिए कुमाऊं भ्रमण के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी अल्मोड़ा भी आए। कुमाऊं भ्रमण पर निकले महात्मा गांधी अपनी पत्नी कस्तूरबा गांधी के साथ 19 जून 1929 को अल्मोड़ा पहुंचे थे। वह शहर के रानीधारा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरीश चंद्र जोशी के घर पर रुके थे। महात्मा गांधी ने कौसानी से पूरे कुमाऊं में आजादी की अलख जगाई। यहां बापू 1929 में आए और तकरीबन 14 दिन रुके।

पहली यात्रा में महात्मा गांधी ने 26 स्थानों पर भाषण दिए

पहली यात्रा में महात्मा गांधी ने 26 स्थानों पर भाषण दिए

कुमाऊं यात्रा में छुआछूत जैसी कुरीति पर भी प्रहार किया। यही कारण रहा कि 22 दिवसीय यात्रा में आंदोलन के लिए दान में मिले 24 हजार रुपये भी गांधी जी ने हरिजन कोष में दे दिए। 22 जून 1929 को वह कौसानी से पैदल और डोली के सहारे बागेश्वर मुख्यालय पहुंचे, जहां स्वराज भवन की नींव रखी। एक दिन रुकने के बाद फिर कौसानी के लिए प्रस्थान कर गए। इस पहली यात्रा में महात्मा गांधी ने 26 स्थानों पर भाषण दिए। कुमाऊं भ्रमण में उनके साथ प्रमुख रूप से बद्री दत्त पांडे, पं गोविंद बल्लभ पंत, हीरा बल्लभ पांडे, मोहन सिंह मेहता, विक्टर मोहन जोशी, रुद्रदत्त भट्ट भी मौजूद रहे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+