महज 500 रुपये देकर जेल जा सकते हैं आप, सरकारी स्कीम से हैरत में पड़े लोग
उत्तराखंड सरकार अनोखी स्कीम चला रही है। अगर आपको जेल जाने का अनुभव चाहिए तो महज 500 रुपये का भुगतान करना होगा। Uttarakhand Govt Jail Room on Rent 500 RS Per Night
देहरादून, 01 अक्टूबर : क्या पैसे देकर खुद जेल जाया जा सकता है ? सुनने में ये सवाल भले ही अजीब लगे लेकिन भारत में एक प्रदेश की सरकार ने जेल को टूरिज्म और राजस्व का श्रोत समझा है। हां, आपने बिल्कुल सही सुना। उत्तराखंड में भाजपा सरकार 500 रुपये में जेल का कमरा मुहैया कराती है। जेल रूम ऑन रेंट की इस स्कीम में एक व्यक्ति पूरी रात जेल में बिताने का अनुभव हासिल कर सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार जेल के कमरे किराए पर देने की स्कीम से चर्चा में हैं। जानिए पूरा माजरा--

किराए पर जेल का कमरा
लोग अक्सर अपनी शादी, नौकरी, पढ़ाई या जीवन और सफलता से जुड़े किसी लक्ष्य के बारे में ज्योतिषियों या पुजारियों से सलाह लेते हैं। वे अपने ग्रहों की स्थिति को बदलने और ठीक करने के लिए अजीबोगरीब काम भी करते हैं। अब, एक चौंकाने वाले निर्णय में, उत्तराखंड की एक जेल उन लोगों के लिए कमरे किराए पर दे रही है जिससे लोग अपने "बंधन योग" को बाहर निकालना चाहते हैं। स्कीम राशिफल के आधार पर जेल जाने की है।

महज 500 रुपये में जेल का अनुभव
दरअसल, उत्तराखंड की एक जेल में आप सिर्फ 500 रुपये प्रतिदिन में एक कमरा किराए पर ले सकते हैं। हल्द्वानी जेल देश की पहली ऐसी जेल मानी जाती है जहां एक दिन का किराया देकर कोई भी जेल में रह सकता है। आप पूछ सकते हैं कि इसमें कितना खर्च होता है ? तो जवाब है महज 500 रुपये!

जेल जाने से ज्योतिषीय 'दोष' से मुक्त
हल्द्वानी जेल देश की पहली ऐसी जेल मानी जाती है जहां एक दिन का किराया देकर कोई भी जेल में रह सकता है। पैसे देकर जेल जाने की ये बात मजाक नहीं, बल्कि बिल्कुल सच है। हल्द्वानी जेल देश की पहली ऐसी जेल मानी जाती है जहां एक दिन का किराया देकर कोई भी जेल में रह सकता है। अगर आपकी राशिफल के अनुसार आपके जेल में जाने की आशंका है तो आप इस तरह जेल जाने का समय पूरा कर ज्योतिषीय 'दोष' से मुक्त हो सकते हैं।

जेल मुख्यालय से अनुमति जरूरी
हल्द्वानी जेल के अधीक्षक ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति जेल में रहना चाहता है तो उसके लिए ओल्ड विंग में अलग से कमरा उपलब्ध कराया जाएगा। अनोखी सरकारी स्कीम के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ये इतना आसान भी नहीं। पैसे देकर जेल जाने की इस विषम व्यवस्था के लिए अनुमति जेल मुख्यालय से लेनी होगी।

119 साल पुरानी है जेल
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए हल्द्वानी जेल को "जेल पर्यटकों" के लिए उपयुक्त आवास में बदला जा रहा है। पुनर्निर्मित कराए जा रहे जेल भवनों के बारे में द टाइम्स ऑफ इंडिया (टीओआई ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, हल्द्वानी जेल 1903 में बनाई गई थी। इसके एक हिस्से में छह स्टाफ क्वार्टर के साथ पुराना शस्त्रागार भी शामिल है। इस हिस्से का इस्तेमाल बंद हो गया है। ऐसे में सरकारी स्कीम के तहत 500 रुपये में जेल का कमरा हासिल किया जा सकता है।

जेल का ही कपड़ा और खाना
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक जेल के डिप्टी जेल अधीक्षक ने बताया, "जेल को अक्सर वरिष्ठ अधिकारियों से "अनुशंसित व्यक्तियों" को जेल बैरक में कुछ घंटे बिताने की अनुमति देने के लिए "आदेश" मिलते थे। इन "पर्यटक कैदियों" को जेल की वर्दी और जेल की रसोई में बना भोजन दिया जाता है।" सुखिजा ने बताया, "मैंने पहले भी जेल के महानिरीक्षक को इस मामले के संबंध में एक प्रस्ताव दिया था। उन्होंने न केवल इसकी सराहना की बल्कि मुझे एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भेजने के लिए भी कहा।"

जेल जाने का ज्योतिषीय पहलू
500 रुपये में जेल का कमरा, इस पर हल्द्वानी के एक ज्योतिषी, मृत्युंजय ओझा ने कहा, "जब किसी की कुंडली या जन्म कुंडली में शनि और मंगल सहित तीन ग्रह प्रतिकूल स्थिति में होते हैं, तो ज्योतिषीय गणना के मुताबिक व्यक्ति को कारावास से गुजरना पड़ सकता है। ऐसे लोगों को आमतौर पर जेल में रात बिताने की सलाह दी जाती है। कैदियों का भोजन करना होता है, ताकि ग्रहों की स्थिति के बुरे प्रभावों को दूर किया जा सके।"












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