Uttarakhand Forest Fire: 600 से ज्यादा घटनाएं दर्ज,जमीन से लेकर आसमान तक उपाय,ये हैं अब तक के 10 बड़े अपडेट
Uttarakhand Forest Fire: उत्तराखंड में आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए शासन, प्रशासन जमीन से लेकर आसमान तक उपायों में जुटी है। आग की घटनाएं सामने आने के बाद से आग को बुझाने के प्रयास किए जा रहे हें।
भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के हेलीकॉप्टर की सहायता से व्यापक अग्निशमन अभियान चलाया गया है। एनडीआरएफ को भी इस आपदा से निपटनें के लिए तैनात कर दिया गया है। उत्तराखंड में अब तक 606 आग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

वनाग्नि से जुड़े अब तक के 10 बड़े अपडेट
- कुमाऊं क्षेत्र विशेष रूप से नैनीताल में जंगल की आग सबसे भयावह स्थिति में नजर आ रही है।
- चंपावत, अल्मोडा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भी वनाग्नि की घटनाएं सामने आ चुकी है।
- उत्तराखंड में अब तक 606 आग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जिससे 735.815 हेक्टेयर वन भूमि को तबाह कर दिया है।
- नैनीताल के जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के लिए राज्य सरकार ने एनडीआरएफ का दल भेजा है।
- रुद्रप्रयाग में तीन और खिर्सू के आरक्षित वन क्षेत्रों में आग लगाने की कोशिश करने के आरोप में गढ़वाल वन प्रभाग में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन पर भारतीय वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
- नैनीताल में आग की घटनाओं के सामने आने के बाद पर्यटन पर भी बुरा असर पड़ा है। इस बीच नैनीताल में आने वाले पर्यटकों की बुकिंग कैंसिल करने की भी जानकारी सामने आ चुकी है।
- वन विभाग ने चेतावनी जारी की है कि वनों में आग लगाने के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- इस बीच ग्रामीण क्षेत्रों में जंगलों को आग से बचाने के लिए जन जागरूकता के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। साथ ही स्थानीय लोगों की मदद ली जा रही है।
- उत्तराखंड के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि वन क्षेत्रों में नमी बढ़ाए बिना जंगल की आग पर काबू नहीं पाया जा सकता। उन्होंने कहा कि 2015-16 में वे इसके लिए एक व्यापक योजना लेकर आए थे।
- बागेश्वर में वन विभाग ने तीन नाबालिगों समेत चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया. वहीं तीनों नाबालिगों को वन विभाग की टीम ने पकड़ भी लिया है।












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