उत्तराखंड: BJP प्रदेश अध्यक्ष को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिए जाने पर विवाद, पुलिस के प्रवक्ता ने कहा- कराई जाएगी जांच
देहरादून। खबर उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से है। यहां बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को उत्तराखंड पुलिस द्वारा प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। वहीं, इसकी भनक जैसे ही कांग्रेस को लगी तो उन्होंने इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया। साथ ही कहा कि ये सम्मान सरकार के इशारे पर पुलिस ने मदन कौशिक को दिया गया है। तो वहीं, दूसरी तरफ उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता निलेश आनंद भरणे ने बताया कि मामले में जांच कराई जाएगी। लेकिन, अभी तक यह मामला सिर्फ गलती का लग रहा है।

उत्तराखंड के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक सोमवार (22 मार्च) को हेलीकॉप्टर से बागेश्वर के डिग्री कॉलेज के खेल मैदान में बनाए गए अस्थायी हेलीपैड पर उतरे। जहां पुलिस की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। यह सूचना जैसे ही कांग्रेसियों और अन्य विपक्षी दलों को लगी विवाद शुरू हो गया। कुछ ही देर बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कौशिक के फेसबुक अकाउंट में बागेश्वर के दौरे के दौरान स्वागत की तस्वीर साझा की। कई फोटो तो भाजपाइयों ने खुद ही वायरल किए। हालांकि बाद में भाजपा कार्यकर्ताओं को जैसे ही नियमों को पता चला तो तेजी से सोशल मीडिया से पोस्ट हटने भी लगे।
कांग्रेस ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताते हुए कहा कि भाजपा नेता लगातार कानून का मखौल उड़ा रहे हैं। तो वहीं, कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने गार्ड ऑफ ऑनर लेने के मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कौशिक को गार्ड ऑफ ऑनर दिलाने के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि जिस हेलीकॉप्टर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बागेश्वर पहुंचे वह प्रदेश सरकार का था। इस पर भी बवाल मचा है। बता दें कि, मदन कौशिश हरिद्वार विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्हें 12 मार्च को बंसीधर भगत की जगह उत्तराखंड के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है।