उत्तराखंड कांग्रेस में बदलाव के संकेत, प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव को हटाने की चर्चा तेज
कांग्रेस के अंदर पहले ही प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव के खिलाफ गुटबाजी हावी है। जिसका नतीजा है कि इस बार प्रभारी को हटाने के लिए कई नेता लामबंद नजर आ रहे हैं।
उत्तराखंड कांग्रेस में एक बार फिर बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इस बार प्रदेश कांग्रेस प्रभारी को बदले जाने को लेकर पार्टी के अंदर कयासबाजी तेज है।
कांग्रेस के अंदर पहले ही प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव के खिलाफ गुटबाजी हावी है। जिसका नतीजा है कि इस बार प्रभारी को हटाने के लिए कई नेता लामबंद नजर आ रहे हैं। इस बीच कांग्रेस के विधायक और सीनियर नेताओं ने भी आने वाले कुछ दिनों में नए प्रभारी के नाम की घोषणा होने के संकेत दिए हैं। जिससे इस बार प्रभारी का हटना तय माना जा रहा है।

2022 विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में प्रदेश स्तर पर भारी बदलाव हुए है। प्रदेश अध्यक्ष से लेकर नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पर नए चेहरे लाए गए है। करन माहरा और यशपाल आर्य को जिम्मेदारी सौंपने के बाद कांग्रेस में प्रीतम सिंह खेमे ने कई बार खुलकर इन फैसलों का विरोध किया, साथ ही प्रदेश प्रभारी के खिलाफ भी मोर्चा खोला। हालांकि प्रदेश प्रभारी को हाईकमान ने कुर्सी से हटने को नहीं कहा।
प्रीतम सिंह खेमा सक्रिय
एक बार फिर प्रीतम सिंह खेमा सक्रिय हो गया है और खुलकर प्रदेश प्रभारी के हटने की चर्चा करने लगे हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि प्रदेश प्रभारी का काम सब को एकजुट करने का होता है, अगर कोई ऐसा नहीं कर पाता है तो स्थितियां बिगड़ती हैं। द्वाराहाट विधायक मदन बिष्ट ने एक बार फिर मीडिया में प्रभारी के खिलाफ बयान दिया है। उनके अनुसार, प्रभारी को वर्ष 2022 की हार के बाद ही नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया। प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष को हटाया गया, उन्हें नहीं हटाया गया। विधायक का दावा है कि वह अगले दो चार दिन में बता देंगे कि नया प्रभारी कौन होगा।












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