भ्रष्टाचार पर सीएम धामी की सर्जिकल स्ट्राइक, अब मास्टरस्ट्रोक की तैयारी, ये हो सकता है अगला कदम
उत्तराखंड में अब सरकार पर निगाहें, सीबीआई जांच का इंतजार
देहरादून, 2 सितंबर। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सर्जिकल स्ट्राइक जारी है। सीएम धामी ने गुरूवार को दो बड़े फैसले लेकर कड़ा संदेश दिया है। पहला विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर विधानसभा में हुई भर्तियों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग और दूसरा यूकेएसएसएससी के सचिव रहे संतोष बड़ोनी को सस्पेंड कर दिया है। अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर है कि सरकार कब सीबीआई जांच के लिए कदम आगे बड़ाती है।

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व सचिव संतोष बडोनी निलंबित
उत्तराखंड में भर्ती प्रक्रियाओं और पेपरलीक प्रकरण से जबरदस्त उथलपुथल मचा हुआ है। ऐसे में सीएम की ओर से गुरूवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। उत्तराखंड शासन की ओर से बड़ी कार्रवाई करते हुए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व सचिव संतोष बडोनी को निलंबित किया गया है। सचिव प्रभारी सचिवालय प्रशासन विनोद कुमार सुमन ने बृहस्पतिवार देर रात उनके निलंबन के आदेश जारी किए।

आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे
विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक विवाद में घिरे उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व सचिव संतोष बडोनी को शासन ने निलंबित कर दिया है। पिछले माह स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक होने के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर एसटीएफ ने जांच शुरू की थी। पेपर लीक विवाद के बीच पहले अध्यक्ष एस राजू ने नैतिकता के तहत अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 13 अगस्त को सरकार ने आयोग के सचिव पद से संतोष बडोनी को हटा दिया था। बडोनी को सचिवालय में बतौर संयुक्त सचिव ज्वाइनिंग दी गई थी। अब तक एसटीएफ की जांच में आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

32 आरोपी सलाखों के पीछे
पेपर छापने वाली कंपनी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन के मालिक राजेश चौहान सहित 32 आरोपी सलाखों के पीछे जा चुके हैं। इसके साथ ही सचिवालय रक्षक भर्ती का पेपर आयोग की प्रिंटिंग प्रेस से पेन ड्राइव के माध्यम से चोरी होने का मामला भी सामने आया। इससे आयोग के पदाधिकारी व अधिकारियों पर सवाल उठ रहे थे। ऐसे में संतोष बडोनी को सचिव पद पर रहते हुए अपने कार्यों को ठीक से न करने और उदासीनता बरतने का दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है।

घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराने को कहा
इससे पहले सीएम धामी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी को पत्र लिखकर विधानसभा में हुई भर्तियों में हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराने को कहा है। मुख्यमंत्री ने लिखा है कि अगर विधानसभा में हुई भर्तियों में अनियमितताएं पाई जाती हैं तो सभी भर्तियों को निरस्त किया जाए।

विधानसभा में निष्पक्ष और पारदर्शी नियुक्तियों के प्रावधान किए जाएं
उन्होंने लिखा है कि विधानसभा में निष्पक्ष और पारदर्शी नियुक्तियों के प्रावधान किए जाएं। सीएम धामी के इस पत्र से हड़कंप मचा हुआ है। अब स्पीकर को इस पूरे प्रकरण की जांच के आदेश देने हैं, जिसके बाद कई पर गाज गिर सकती है। इस पूरे प्रकरण को लेकर स्पीकर रहे वर्तमान में स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल पहले ही सवालों के घेरे में है।

सीबीआई जांच को लेकर भी अंदरखाने तैयारी की बात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इन दोनों बड़े कदमों को उठाने के बाद अब सीबीआई जांच को लेकर भी अंदरखाने तैयारी की बात होने लगी है। विपक्ष की सीबीआई जांच के मांग के बाद धामी सरकार पर चौतरफा दबाव बनने लगा है। ऐसे में जल्द ही इस तरह के कदम उठाने की सोशल मीडिया में भी चर्चे हैं। अगर सरकार ऐसा कदम उठाएगी तो बड़े खुलासे होने तय हैं। जिससे धामी सरकारी को अपनी इमेज सुधारने का मौका मिल जाएगा।












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