CM धामी बोले- उत्तराखंड में बारिश के वक्त किसी पर्यटक की जान नहीं गई, जिनके घर गिरे उन्हें डेढ़ लाख मदद देंगे
देहरादून, 25 अक्टूबर, 2021: पिछले हफ्ते उत्तराखंड में भारी बारिश-भूस्खलन के चलते 40 से ज्यादा लोगों की जानें गईं। कई नदियों में उफान आया और लोगों के घर-मकान ध्वस्त हो गए। वहीं, कुछ लोग अभी भी लापता हैं। मगर..उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि, उनकी सरकार के तात्कालिक बचाव अभियान के चलते राज्य में बारिश के दौरान कोई पर्यटक हताहत नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने आज कहा, "हमारा अगला कदम पुन-र्निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करना और प्रभावित लोगों को राहत सहायता प्रदान करना है।"

आपदा के दरम्यान कई जिंदगियां जाने की खबरों को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने नजरअंदाज करते हुए कहा कि, हमारे त्वरित-कदमों से उत्तराखंड में पर्यटकों में से कोई हताहत नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि, "सरकारी-तंत्र ने बहुत तेजी से राहत-बचाव कार्य किए।" उन्होंने कहा कि, हमने सभी को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि सबकुछ ठीक हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने 4 दिनों पहले कहा था, "किसी को डरने की जरूरत नहीं है। सरकार पूरी तल्लीनता से विपदा से निपटने में लगी हुई है।"
आज मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ के हवाले से कहा कि, कुछ मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने कहा, "एसडीआरएफ के मानक के अनुसार हमने बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए घरेलू सामानों के लिए सहायता राशि को 3800 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया है।"

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 25 अक्टूबर की शाम को पत्रकारों के समक्ष बताया कि, सरकार ने क्षतिग्रस्त मकानों के लिए पीड़ितों के लिए अनुदान राशि बढ़ाई है। उन्होंने कहा, "हमने क्षतिग्रस्त मकानों के लिए अनुदान 95,000 रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी कहा कि, जिन घरों की आंशिक क्षति हुई है..उस राशि को 5,200 रुपए से बढ़ाकर 7,500 रुपए करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही जिन कच्चे भवन और झोपड़ियों को 15% का नुक़सान हुआ है, उस राशि को 3,200 रुपए से बढ़ाकर 5,000 रुपए कर दिया गया है।












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