Uttarakhand news: बादल फटने से तीन जिलों में तबाही का मंजर, 6 लोगों की मौत, बढ़ती जा रही पहाड़ की परेशानी
Uttarakhand news: उत्तराखंड में प्रकृति ने एक बार फिर रौद्र रूप दिखाया है। तीन जिलों में बादल फटने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। रेस्क्यू टीमों का अब भी रेस्क्यू जारी है। इस बीच कई जगह से नुकसान की खबरें और तस्वीरें सामने आ रही हैं।
शुक्रवार को बादल फटने की जानकारी सामने आने के बाद सभी एजेसिंयों ने प्रशासन के साथ रेस्क्यू चलाया। जिसमें गढ़वाल में तीन लोगों की मौत और कुमाऊं में भी अतिवृष्टि से तीन लोगों की जान चली गई। यहां देवरानी-जेठानी की मौत हो गई। वहीं, पिता-पुत्र समेत तीन लापता हैं।

इस बार रुद्रप्रयाग जिले से काफी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। पूर्वी बांगर क्षेत्र में भूस्खलन के कारण छेनागाड़ का पड़ाव पूरी तरह तबाह हो गया है। पहाड़ी से आए मलबे के सैलाब में 15 से अधिक दुकानें और मकान बह गए। जिससे 8 लोग लापता हो गए हैं, जिनमें चार नेपाली मजदूर और एक वनकर्मी शामिल हैं।
आज भी प्रदेश भर के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इसे देखते हुए बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में सभी सरकारी, गैर-सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को बंद रखा गया है।
चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में हो रही भारी बारिश के कारण अलकनंदा और गंगा अपने रौद्र रूप में बह रही हैं जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर पहुंच गया है जिससे प्रशासन को अलर्ट रहना पड़ रहा है और आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। धारी देवी मंदिर परिसर में भी पानी आने से मंदिर को खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रशासन ने इसके लिए एहतियात बरतने शुरू कर दिए हैं।
भारी बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि यह धारी देवी मंदिर तक पहुंच गया। मंदिर परिसर के बाहर बनी पुरानी अस्थायी दुकानों में पानी घुस गया है। समिति सदस्य राजेश पांडे ने बताया कि सुबह पांच बजे मंदिर समिति को जलस्तर बढ़ने की खबर मिली। बताया कि जीवीके डैम के गेट खोलने के बावजूद जलस्तर कम नहीं हुआ।
चमोली के थराली, देवाल के बाद नंन्दानगर मे कई घरो मे मोटी मोटी दरारे आने से लोग दहशत मे आ गए है। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए प्रभावितो को दूसरे जगह सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 परिवार अपने रिश्तेदारो के घरो मे चले गए हैं।
प्रशासन लगातार मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटा है। टिहरी के बुढ़ा केदार -सीमांत गांव गेंवाली जखना से आगे कई जगह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके साथ ही कई मार्ग क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आ रही है। ऋषिकेश बदरीनाथ राष्ट्रीय मार्ग व्यासी के पास अवरुद्ध है।












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