उत्तराखंड कैबिनेट ने 25 फैसलों पर लगाई मुहर, पुलिसकर्मियों के ग्रेड पे पर सीएम के पाले में गेंद
उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट के फैसले
देहरादून, 31 दिसंबर। उत्तराखंड सरकार के मंत्रिमंडल की 2021 की अंतिम बैठक में 25 फैसलों पर मुहर लगी है। समाज कल्याण विभाग की तरफ से मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन को 1200 से बढ़ाकर 1400 करने के साथ ही पति पत्नी दोंनो को पेंशन देने पर भी मुहर लगी है। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में जांच में को बनने वाले पर्चे में अब हर साल बढ़ोतरी नहीं होगी।

पुलिस के 4600 ग्रेड पे के मामले में कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को अधिकृत
पुलिसकर्मियों को ग्रेड पे के लिए नए साल का इंतजार करना होगा। पुलिस के 4600 ग्रेड पे के मामले में कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को अधिकृत किया। इस तरह से पुलिसकर्मियों के परिजनों का इंतजार लंबा हो गया है। पुलिसकर्मियों के 4600 ग्रेड पे की मांग को लेकर पुलिसकर्मियों के परिजनों की ओर से लगातार विरोध जारी है। 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस पर पुलिस लाइन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 2001 बैच के 1500 पुलिसकर्मियों को 4600 ग्रेड पे देने की घोषणा की थी। लेकिन दो माह बाद भी शासनादेश जारी न होने से परिजन नाराज हैं। चुनाव की आचार संहिता नजदीक देख परिजनों ने आंदोलन तेज किया हुआ है। परिजनों को डीजीपी अशोक कुमार की और से 31 दिसंबर तक का आश्वासन दिया हुआ था। लेकिन 31 दिसंबर को भी कैबिनेट में फैसला न होने से पुलिसकर्मियों के परिजनों को निराशा हाथ लगी है। जिससे आंदोलन तेज होने के आसार हैं।
नए साल में चुनाव से पहले एक और कैबिनेट की उम्मीद
हालांकि अभी उम्मीद है कि चुनाव से पहले राज्य सरकार की एक और कैबिनेट हो सकती है। लेकिन अब सरकार पर दबाव बढ़ना तय है। इसी तरह का राज्य आंदोलनकारियों का सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का मसला भी है। राज्य आंदोलनकारी सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू करने संबंधी कई मांगों पर राज्य आंदोलनकारी लंबे समय से संघर्षरत हैं। उत्तराखंड आंदोलनकारी संघ ने राज्य आंदोलनकारियों के लिए सरकारी नौकरियों में दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू करने को लेकर राज्य सरकार को 31 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया था। मांग पूरी न होने पर एक जनवरी को सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी है। कैबिनेट में किसी तरह का मामला न आने पर राज्य आंदोलनकारी एक बार फिर आंदोलन तेज कर सकते हैं। इसी तरह उपनलकर्मियों की समान कार्य-समान वेतन और नियमितीकरण की मांग पर भी इस साल सरकार किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाई है।
कैबिनेट के फैसले-
- - पीआरडी के मामले में सीएम अधिकृत किया।
- - अस्पतालों में ओपीडी शुल्क नहीं बढ़ेगा, सरकारी अस्पतालों में ओपीडी की पर्ची पर सालाना 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी नहीं होगी।
- - राज्य के सभी महाविद्यालयों में हर विकासखंड के एक इंटर कॉलेज में 214 योग प्रशिक्षितों को आउट सोर्स पर लगाने का फैसला किया।
- - वृद्धा एवं विधवा पेंशन को 1200 से बढ़ाकर 1400 रुपए किया।
- - नियमित नियुक्ति से प्रभावित अतिथि शिक्षकों को उनके गृह जनपद में नियुक्ति दी जाएगी।
- - महिला अतिथि शिक्षकों को मातृत्व अवकाश की मांग देय होगी।
- - नगर निकायों की सीमा विस्तार के बाद विस्तारित क्षेत्र में कमर्शियल टैक्स के संबंध में सीएम को अधिकृत किया।
- - नरेंद्रनगर में विधि संस्थान खोलने के लिए कैबिनेट की मंजूरी।
- - वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में अब पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में जाएगा।
- - हर जिले में डिस्ट्रिक टूरिज्म कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया।
- - नए महाविद्यालय में शिक्षकों के खाली पदों पर प्रधानचार्य 35 हजार रुपए प्रति माह पर अतिथि शिक्षकों की तैनाती कर सकेंगे।
- - हड़ताल पर रहे मनरेगा कर्मचारियों को हड़ताल अवधि का वेतन मिलेगा। छुट्टियां एडजस्ट होंगी।












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