UKSSSC पेपर लीक : पूर्व सीएम हरीश रावत ने पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले से की तुलना, मचा सियासी बवाल
यूकेएसएसएससी पेपर लीक प्रकरण को लेकर सियासत तेज
देहरादून 29 जुलाई। उत्तराखंड में यूकेएसएसएससी पेपर लीक प्रकरण को लेकर सियासत गरमा रही है। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के आयोग को भंग करने की सलाह देने के बाद अब पूर्व सीएम हरीश रावत भी इस मसले में कूद गए हैं। हरीश रावत ने इस पूरे प्रकरण की तुलना पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले से कर दी। जिसके बाद सियासी बवाल मचा हुआ है। भाजपा ने हरीश रावत के इस बयान पर पलटवार कर आरोप लगाया कि हरीश रावत सरकार में नौकरियां बेचने का खेल चला था। तब नौकरियां बेचने का खेल हर विभाग मे चला और तमाम स्टिंग भी सामने आए।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भर्ती घोटाले की तुलना पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले से की
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में भर्ती घोटाले की जांच में आए दिन खुलासे हो रहे हैं। जैसे जैसे जांच आगे बढ़ रही है। वैसे-वैसे सियासत भी तेज हो गई है। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत आयोग को भंग करने की बात कर चुके हैं। अब पूर्व सीएम हरीश रावत ने बड़ा बयान देकर सियासी हलचल पैदा कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भर्ती घोटाले की तुलना बहुचर्चित पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले से की। जिसके बाद भाजपा भी हमलावर है। हरीश रावत ने कहा कि बंगाल के इतिहास को उत्तराखंड में दोहराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भर्ती करने वाली संस्थाओं को जब तक स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दिया जाएगा और उसमें निष्पक्ष लोगों को नियुक्त नहीं करेंगे तब तक परिणाम वही होगा जो आज हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में सर्वाधिक नियुक्तियां हुईं और आयोगों को सर्वाधिक अधियाचन गए। एक मामले में गड़बड़ी हुई तो आयोग के अध्यक्ष को हटा दिया गया। आज ऐसा करने वाले लोगों का पोषण किया जा रहा है। नियुक्तियों के नाम पर पैसा कमा रहे हैं। भाजपा ने हरीश रावत के इस बयान पर पलटवार कर आरोप लगाया कि हरीश रावत सरकार में नौकरियां बेचने का खेल चला था। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि विधानसभा में हुई 158 बैक डोर भर्ती के मामले से सभी परिचित हैं। उसमें चहेतों को नौकरियां मिली थी। तब नौकरियां बेचने का खेल हर विभाग मे चला और तमाम स्टिंग भी सामने आए।
6 अगस्त को मुख्यमंत्री के आवास पर उपवास
पूर्व सीएम हरीश रावत एक बार फिर धरना और उपवास की राजनीति तेज करने लगे हैं। हरीश रावत ने 6 अगस्त को मुख्यमंत्री के आवास पर उपवास करने का ऐलान किया है। हरीश रावत ने कहा कि हरिद्वार में पंचायती लोकतंत्र व्यवस्था खतरे में है। एक के बाद एक कदम उठाकर पंचायत के चुनावों में जनता के स्वभाविक निर्णय को आगे आने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग्य और सक्षम उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए सत्ता हर हथकंडा अपना रही है। मैं मूकदर्शक नहीं रह सकता। मुख्यमंत्री से बात कर व्यथा पहुंचाना चाहता हूं बात हो नहीं पा रही है। इसलिए धरना दूंगा। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देने की धमकी पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हरीश रावत वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें धरना देने की क्या जरूरत है। वह तो उन्हें फोन कर सकते हैं।












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