Tomato prices: टमाटर हुआ महंगा, किसानों के खिले चेहरे, जानिए क्यों खास है यमुना घाटी के टमाटर
बरसात शुरू होते ही टमाटर के दाम कई गुना तक बढ़ गए हैं। जो कि बाजार में 100 रुपए तक बिक रहा है। बीते दिनों टमाटर अधिकतम 40 रुपए तक बाजार में उपलब्ध हो रहा था। लेकिन अचानक टमाटर की डिमांड बढ़ने से रेट में उछाल आ गया।
Tomato prices: बरसात शुरू होते ही टमाटर के दाम कई गुना तक बढ़ गए हैं। जो कि बाजार में 100 रुपए तक बिक रहा है। बीते दिनों टमाटर अधिकतम 40 रुपए तक बाजार में उपलब्ध हो रहा था। लेकिन अचानक टमाटर की डिमांड बढ़ने से रेट में उछाल आ गया। उत्तरकाशी की यमुना घाटी के किसानों के लिए टमाटर के दाम बढ़ने से इन दिनों फायदा होता हुआ नजर आ रहा है।

यमुना घाटी में अधिकतर गांवों में लोग टमाटर की खेती करते हैं। बीते दिनों जब टमाटर के दाम नहीं मिल रहे थे, तो किसान मायूस होकर दूसरी फसलें उगाने लगे। लेकिन बीते दिनों से दाम कई गुना बढ़े तो किसानों ने फिर से टमाटर पर फोकस कर दिया है। उत्तरकाशी के किसान नरेश नौटियाल ने बताया कि यमुना घाटी के करीब पांच हजार किसान टमाटर की खेती से जुड़े हैं।
पिछले साल तक टमाटर के अधिकतम 20 रुपए तक उनको मिल रहे थे। लेकिन इस बार टमाटर 70 से 75 रुपये प्रति किलो बिक जा रहा है। यहां टमाटर की पैदावार जून से अगस्त तक होती है। जो कि 15 हजार मीट्रिक टन से अधिक पैदा होता है। उन्होंने बताया कि इन दिनों मदर डेयरी व यूपीए दिल्ली की मंडियों को भी यमुना घाटी से टमाटर ले जाया जा रहा है।
कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ के उद्यान विशेषज्ञ डाॅ पंकज नौटियाल ने बताया कि उत्तरकाशी में टमाटर की हिम सोना समेत कई प्रजाति की पैदावार होती है। इनमें सर्वाधिक उत्पादन हिम सोना का होता है। पहाड़ की जलवायु और मिट्टी के कारण यहां के टमाटर में पौष्टिकता बढ़ जाती है। छिलका मोटा होने से यह जल्द खराब नहीं होता। ऐसे में यमुना घाटी का टमाटर ज्यादा डिमांड में रहता है।












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